CAG रिपोर्ट का धमाका: प्रदेश के खजाने को 1200 करोड़ की 'चपत'
अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से राजस्व का भारी नुकसान,
*कटनी समेत 11 जिलों में बड़ी गड़बड़ी उजागर*
भोपाल/ मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर रखी गई भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश के खनिज विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से 2023 के बीच खनिज विभाग के अफसरों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से सरकारी खजाने को 1262.90 करोड़ रुपये की भारी चपत लगी है।
*रॉयल्टी निर्धारण में भारी चूक*
जांच में सामने आया है कि 11 जिलों की 1060 फाइलों के सूक्ष्म परीक्षण में रॉयल्टी का मूल्यांकन बेहद कम किया गया। तांबे की रॉयल्टी निर्धारित करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार (लंदन मेटल एक्सचेंज) की दरों को नजरअंदाज किया गया, जिससे अकेले इसी मद में करोड़ों का नुकसान हुआ।
*इन जिलों में मिलीं सर्वाधिक अनियमितताएं:*
CAG ने अपनी रिपोर्ट में कटनी, बालाघाट, छतरपुर, देवास, धार, ग्वालियर, झाबुआ, नर्मदापुरम, राजगढ़, रीवा और सतना जिलों में प्रमुख रूप से गड़बड़ियां दर्ज की हैं। इसमें मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क की कम वसूली और मैनुअल रसीदों में हेराफेरी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रकरणों की गहन जांच कर संबंधितों पर कार्रवाई हेतु जिला पंजीयक को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

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