करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा, जिला प्रशासन की कार्रवाई कब?
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । शहर में सरकारी जमीनों पर वर्षों से जमे कब्जों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर लंबे समय से कब्जा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।
नगर निगम में इन दिनों तेज-तर्रार स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले आयुक्त पदस्थ हैं। इसके बावजूद वर्षों से सरकारी जमीन पर काबिज कब्जों का जस का तस बने रहना कई सवाल खड़े करता है। आखिर ऐसा क्या कारण है कि कुछ मामलों में नियम-कायदे का हवाला देकर निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि करोड़ों की सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई नजर नहीं आती?
शहरवासियों का कहना है कि हाल ही में पन्ना तिराहे पर सामने आया मामला भी लोगों के सामने है। वहां सत्ता और प्रभाव का असर किस तरह दिखाई देता है, यह किसी से छिपा नहीं है। वहीं जिन लोगों की न तो कोई राजनीतिक पकड़ है और न ही आर्थिक रसूख, उनके निर्माणों पर नियमों का हवाला देते हुए नगर निगम की कार्रवाई आसानी से देखने को मिल जाती है। इसका उदाहरण गजानन कॉम्प्लेक्स के बाजू में हुई कार्रवाई के रूप में सामने आ चुका है।
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि फायर ब्रिगेड के बाजू से जिस सरकारी जमीन पर लंबे समय से कब्जे की चर्चा है, आखिर वह जमीन किसके कब्जे में है? कब्जाधारी कौन है और उस पर कार्रवाई कब होगी? शहर में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।
नियम सभी के लिए समान हैं तो कार्रवाई भी समान क्यों नहीं? यदि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है तो चाहे कब्जाधारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और नगर निगम करोड़ों रुपये मूल्य की इस सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए कब कदम उठाते हैं या फिर मामला प्रभाव और रसूख के बीच ही दबा रहता है।

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