*अमृत-2.0: कटनी में कछुआ चाल से चल रहे विकास कार्य, पेयजल और सीवरेज प्रोजेक्ट अब भी अधूरे*


*अमृत-2.0: कटनी में कछुआ चाल से चल रहे विकास कार्य, पेयजल और सीवरेज प्रोजेक्ट अब भी अधूरे*


कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी: प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'अमृत-2.0' योजना कटनी शहर में दम तोड़ती नजर आ रही है। शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए आवंटित इस प्रोजेक्ट की स्थिति फिलहाल अत्यंत निराशाजनक है, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

*कटनी में दावों की खुली पोल*

प्रदेश के अन्य निकायों के साथ जारी समीक्षा में कटनी का नाम भी उन शहरों की सूची में प्रमुखता से आया है, जहां प्रोजेक्ट की प्रगति "खराब" श्रेणी में है। शहर में मुख्य रूप से दो मोर्चों पर काम पिछड़ा हुआ है:

*पेयजल सप्लाई:* घर-घर नल से जल पहुँचाने का लक्ष्य अभी भी कोसों दूर है। पाइपलाइन विस्तार का कार्य अधूरा होने से जल संकट की स्थिति बनी हुई है।

*सीवरेज लाइन*: शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने के लिए डाली जा रही सीवरेज लाइन का काम भी अधर में लटक

सिर्फ कटनी ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों जैसे सीहोरा, सतना और पन्ना में भी अमृत-2.0 के तहत हो रहे कार्यों की स्थिति चिंताजनक है। निर्माण कार्यों में हो रही इस देरी के कारण सड़कों की खुदाई आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है।


रिपोर्ट के मुताबिक, जब इंदौर और भोपाल जैसे बड़े नगर निगमों में काम संतोषजनक नहीं है, तो कटनी जैसे निकायों में मॉनिटरिंग के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। समय पर काम पूरा न होने से न केवल प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है, बल्कि विकास के दावे भी कागजी साबित हो रहे हैं।

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