देहदान की मिसाल: वृद्धावस्था जनित बीमारी से निधन के बाद परिवार ने मेडिकल कॉलेज को सौंपा पार्थिव शरीर


 देहदान की मिसाल: वृद्धावस्था जनित बीमारी से निधन के बाद परिवार ने मेडिकल कॉलेज को सौंपा पार्थिव शरीर



कटनी  /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :कटनी के शिवनगर, वार्ड नंबर 4 की निवासी कलाबाई कुशवाहा के परिजनों ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। 70 वर्षीया कलाबाई का गुरुवार सुबह वृद्धावस्था जनित बीमारियों के कारण निधन हो गया, जिसके बाद उनके परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज जबलपुर को दान करने का निर्णय लिया।


          शोक की इस घड़ी में धैर्य रखते हुए उनके पति कोदूलाल कुशवाहा और उनके परिवार ने अपने आध्यात्मिक गुरु संत रामपाल महाराज की प्रेरणा से देहदान का संकल्प लिया। परिजनों का कहना है कि इस दान से चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों को शोध में मदद मिलेगी, जो अंततः मानवता के ही काम आएगा।


*पुलिस ने दिया 'गार्ड ऑफ ऑनर'*


          सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने बताया कि चिकित्सकीय प्रमाणीकरण और आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के बाद, प्रशासन द्वारा पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक विदा किया गया। पुलिस विभाग की ओर से स्वर्गीय कलाबाई को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया, जिसके बाद नम आंखों से पार्थिव शरीर को जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।


*कलेक्टर ने की सराहना*


कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कुशवाहा परिवार के इस "स्तुत्य दान" की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी इस नेक कार्य से प्रेरणा लेंने का आह्वान किया।


          देहदान के इस पावन कार्य को संपन्न कराने में गोपाल पंत, सत्येन्द्र हल्दकार, सूरज हल्दकार और प्रशांत कुशवाहा की सक्रिय भूमिका रही।

Post a Comment

Previous Post Next Post