मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे मजदूर, ठेकेदार पर बकाया भुगतान रोकने के आरोप “एक दिन में नहीं होता, 10-15 दिन लगेंगे” — श्रम अधिकारी


 

मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे मजदूर, ठेकेदार पर बकाया भुगतान रोकने के आरोप

“एक दिन में नहीं होता, 10-15 दिन लगेंगे” — श्रम पद अधिकारी

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष कुमार : जिले के पुलिस लाइन झींझरी से मजदूरों के शोषण का एक ताज़ा मामला सामने आया है, जहाँ काम पूरा कराने के बाद भी मजदूरों को उनकी मेहनताना राशि नहीं मिल सकी। अपनी मजदूरी पाने के लिए मजदूर अब दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं। मामले में मजदूरों ने पहले श्रम विभाग में लिखित शिकायत दी, लेकिन सुनवाई और भुगतान में देरी के चलते अब मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुँच गया है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन झींझरी में कार्य करने वाले करीब 15 से 20 मजदूरों ने आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार विपिन मिश्रा द्वारा उनसे काम तो करा लिया गया, लेकिन अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। मजदूरों का कहना है कि उनकी करीब 2 लाख 50 हजार रुपये की मेहनताना राशि बकाया है।

मजदूरों ने बताया कि जब वे अपनी मजदूरी मांगने पहुँचे तो उन्हें टालमटोल किया गया। आरोप यह भी है कि श्रम विभाग कार्यालय में बुलाए जाने के दौरान ठेकेदार द्वारा मजदूरों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। इससे परेशान होकर मजदूरों ने एसपी कार्यालय पहुँचकर लिखित आवेदन सौंपा और सुरक्षा के साथ न्याय दिलाने की मांग की।

इस पूरे मामले में जब श्रम पदाधिकारी कटनी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है और प्रक्रिया के तहत मजदूरों व संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एक दिन में नहीं होता, समय लगता है, 10-15 दिन में बयान और जांच की प्रक्रिया पूरी होगी।”

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मजदूरों को अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए आखिर श्रम विभाग से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक क्यों भटकना पड़ रहा है। जिम्मेदार विभाग के पास शिकायत पहुँचने के बाद भी मजदूरों को तत्काल राहत नहीं मिलना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

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