एक ही भवन पर दोबारा खर्च! जालपा देवी वार्ड के सामुदायिक भवन का मामला चर्चा में


 

एक ही भवन पर दोबारा खर्च! जालपा देवी वार्ड के सामुदायिक भवन का मामला चर्चा में

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस :नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जालपा देवी वार्ड स्थित सामुदायिक भवन में पहले से कराए जा चुके निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य के बावजूद दोबारा लाखों रुपए का टेंडर जारी कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद निगम के लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोपों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, उक्त सामुदायिक भवन का करीब एक वर्ष पहले ही लगभग 30 लाख रुपए की लागत से जीर्णोद्धार कराया गया था। इसके बावजूद अब उसी भवन में टाइल्स लगाने और मरम्मत कार्य के नाम पर 13 लाख 309 रुपए का नया टेंडर जारी किया गया। टेंडर आईडी 2025-यूएडी-429411-3 बताई जा रही है। यह टेंडर 3 जून 2025 को जारी हुआ था, जबकि इसकी फाइनेंशियल बिड 19 फरवरी 2026 को खोली गई।

सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिस भवन में पहले ही निर्माण और मरम्मत कार्य हो चुका था, वहां दोबारा उसी तरह के कार्यों के लिए टेंडर क्यों जारी किया गया। सूत्रों का कहना है कि यह पूरा मामला अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से जुड़ा हो सकता है।

मामला उस समय और चर्चाओं में आ गया, जब पिछली परिषद बैठक में पार्षद बल्ली सोनी ने इस मुद्दे को उठाया। बैठक के दौरान वार्ड पार्षद एवं पीडब्ल्यूडी प्रभारी एमआईसी सदस्य रमेश सोनी ने यह स्वीकार किया था कि सामुदायिक भवन पहले से तैयार है, लेकिन ठेकेदार का भुगतान अटका होने के कारण दोबारा टेंडर कराया गया। इस बयान के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।

माइनस 24.21 प्रतिशत में स्वीकृत हुआ टेंडर

स्थानीय मिडिया की माने तो बताया जा रहा है कि इस टेंडर प्रक्रिया में तीन ठेकेदारों ने हिस्सा लिया। एसएन खंपरिया ने 7.86 प्रतिशत विलो, विनायक एग्रो इंडस्ट्रीज ने 20.11 प्रतिशत विलो और हर्ष बिल्डर्स ने 24.21 प्रतिशत विलो दर प्रस्तुत की। अंततः टेंडर हर्ष बिल्डर्स के नाम स्वीकृत हुआ।

सूत्र बताते हैं कि पहले इसी भवन में कार्य एसएन खंपरिया द्वारा कराया गया था, लेकिन बाद में भुगतान और कार्य को लेकर ठेकेदारों के बीच विवाद जैसी स्थिति भी बनी रही। अब नगर निगम में यह चर्चा जोरों पर है कि पहले से पूर्ण कार्य के लिए दोबारा टेंडर जारी कर आखिर किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।

नगर निगम में पहले भी कुछ ठेकेदारों को अतिरिक्त भुगतान और विशेष लाभ दिए जाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में जालपा देवी वार्ड का यह मामला एक बार फिर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

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