कोतवाली थाना क्षेत्र के आजाद चौक में पुलिसकर्मी के साथ जमकर मारपीट
घटना के बाद तत्काल सक्रिय नहीं हुई कोतवाली पुलिस, आरोपी अब भी गिरफ्त से दूर
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी । शहर के आजाद चौक में रविवार देर रात हुई एक सनसनीखेज घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डायल-112 पर मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एक पुलिसकर्मी के साथ तीन युवकों द्वारा जमकर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 2 बजे डायल-112 को पूनम बर्मन नामक महिला ने सूचना दी थी कि उसके भाई के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन में तैनात आरक्षक रूपेश यादव तत्काल मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि उन्होंने विवाद को शांत कराने और संबंधित लोगों से पूछताछ करने का प्रयास किया।
इसी दौरान मुख्य आरोपी बताए जा रहे गापू बर्मन और उसके दो साथी कथित रूप से आक्रामक हो गए। आरोप है कि तीनों ने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रूपेश यादव के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। हैरानी की बात यह रही कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी पर हमला होने के बावजूद आरोपियों ने कानून का कोई भय नहीं दिखाया।
घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई कि आखिर पुलिसकर्मी के साथ खुलेआम मारपीट करने वाले आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर कैसे हैं।
सूत्रों के मुताबिक आरक्षक रूपेश यादव की शिकायत पर कोतवाली थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कोतवाली पुलिस की तत्परता पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बावजूद शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और कार्रवाई में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। वहीं जब मामला मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक हुआ तो पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी। इस बीच सीएसपी कटनी का बयान भी सामने आया है
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। वायरल वीडियो और आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी ने इस पूरे मामले को पुलिस की कार्यशैली पर बहस का विषय बना दिया है।
वही आप को बता दे एक पूर्व ही कोतवाली के ही स्टेशन शराब दुकान मे कट्टा कांड हुआ था जिसमे पीड़ित की जान पर बन गई थी, इन घटनाओ से आप स्वयं पुलिस की सक्रियता का अंदाजा लगा सकते है?

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