टैक्स वसूलने में अव्वल, मूलभूत सुविधा देने में फिसड्डी नगर निगम जय हिंद चौक की सड़क बनी कीचड़ का दलदल, लल्ला होटल से लक्ष्मी पान भंडार तक बदहाल रास्ते से गुजरना लोगों की मजबूरी


 

टैक्स वसूलने में अव्वल, मूलभूत सुविधा देने में फिसड्डी नगर निगम

जय हिंद चौक की सड़क बनी कीचड़ का दलदल, लल्ला होटल से लक्ष्मी पान भंडार तक बदहाल रास्ते से गुजरना लोगों की मजबूरी

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर भले ही सख्ती दिखाई देती हो, लेकिन शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। शहर की कई सड़कों की बदहाली इस बात की गवाही दे रही है कि करोड़ों रुपए के बजट और विकास के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति कितनी खराब है। हालात यह हैं कि गांवों की सड़कें भी कई जगह नगर निगम क्षेत्र की सड़कों से बेहतर नजर आती हैं।

मामला नगर निगम क्षेत्र के जय हिंद चौक का है, जहां लल्ला होटल से लेकर लक्ष्मी पान भंडार तक की सड़क इन दिनों कीचड़ से सनी हुई है। सड़क जगह-जगह टूटी-फूटी है और राहगीरों के लिए यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। कीचड़ और गड्ढों के बीच वाहन निकालने के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

महीनों से चल रहा सीवर कार्य, सड़क की हालत बदतर

स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मार्ग पर पिछले कई माह से सीवर का कार्य चल रहा है। कार्य की धीमी गति के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। सड़क पर कीचड़ जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इसी रास्ते से रोजाना बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग आवागमन करने को मजबूर हैं।

लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क को व्यवस्थित रखने और आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता। जिम्मेदार अधिकारी भी मानो गहरी नींद में हैं और उन्हें लोगों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही।

टैक्स लेने में सख्ती, सुविधा देने में क्यों सुस्ती?

शहरवासियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर निगम जब टैक्स वसूली में कोई कसर नहीं छोड़ता तो फिर उसी अनुपात में लोगों को सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं? लोगों का कहना है कि समय पर टैक्स वसूली के लिए निगम अमला घर-घर तक पहुंचता है, लेकिन बदहाल सड़कों की सुध लेने के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके तक पहुंचने में भी रुचि नहीं दिखाते।

स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि नगर निगम क्षेत्र की कई सड़कों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि शहर से दूर गांवों की सड़कें इनसे कहीं बेहतर हैं। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जय हिंद चौक की यह सड़क निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

अब देखना यह है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल सड़क की सुध कब लेते हैं और सीवर कार्य पूरा होने के बाद सड़क को व्यवस्थित कराने की दिशा में कब ठोस कदम उठाते हैं।



आयोजन की चमक में दब रही शहर की बदहाली!

कटनी नगर निगम की कमान इन दिनों आयुक्त तपस्या परिहार के हाथों में है, लेकिन शहर की मूलभूत समस्याओं के बीच निगम की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए राहगीरी डे और पौधारोपण जैसे आयोजनों पर जोर दिया जा रहा है। विडंबना यह है कि वर्षों से पौधारोपण के नाम पर हजारों-लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद कितने पौधे पेड़ बने, इसका स्पष्ट हिसाब सामने नहीं है। सड़क, नाली और सफाई की बदहाली के बीच सवाल यही है—शहर को आयोजन चाहिए या समाधान?







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