स्टोरियों का बढ़ता साम्राज्य, खाकी की भूमिका पर उठे सवाल इंद्रा नगर, चाका के बाद अब कनवारा में सट्टे के कारोबार की चर्चा, कुठला में नए प्रभारी के आने के बाद गतिविधियां बढ़ने के आरोप



 

स्टोरियों का बढ़ता साम्राज्य, खाकी की भूमिका पर उठे सवाल

इंद्रा नगर, चाका के बाद अब कनवारा में सट्टे के कारोबार की चर्चा, कुठला में नए प्रभारी के आने के बाद गतिविधियां बढ़ने के आरोप

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । जिले में अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। इंद्रा नगर और चाका के बाद अब कनवारा में कथित रूप से सट्टे का कारोबार फिर से पैर पसारने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कनवारा में लंबे समय से बंद पड़ा सट्टे का कारोबार नए थाना प्रभारी के आने के बाद दोबारा सक्रिय हुआ है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इंद्रा नगर सहित अन्य क्षेत्रों में कथित रूप से सट्टे का कारोबार संचालित करने वाले लोगों ने अब कनवारा क्षेत्र में भी अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में सट्टा कारोबार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कनवारा में लंबे समय से बंद कथित सट्टा कारोबार दोबारा सक्रिय हुआ है, तो स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? या फिर पुलिस की नजरों से बचकर यह कारोबार संचालित हो रहा है? यही सवाल अब क्षेत्र के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

नए प्रभारी के बाद बढ़ी गतिविधियों की चर्चा

कुठला थाने में नए प्रभारी की पदस्थापना के बाद कनवारा क्षेत्र में कथित सट्टा गतिविधियों के दोबारा शुरू होने की चर्चा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध कारोबार वास्तव में संचालित हो रहा है तो पुलिस को तत्काल इसकी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।    


कुठला पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते सटोरियों की उक्त थाने में कथित तौर पर आवभगत किए जाने के आरोप लग रहे हैं। स्थिति ऐसी प्रतीत होती है, मानो खाकी और सटोरियों के बीच पुराना याराना हो। वहीं, सूत्रों के अनुसार इंद्रा नगर के बीट प्रभारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से अवैध गतिविधियों को निजी स्वार्थ के लिए संरक्षण और बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है



अब देखना यह होगा कि कनवारा में कथित रूप से दोबारा शुरू हुए सट्टा कारोबार की शिकायतों और चर्चाओं को पुलिस प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है।

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