⭐विशेष अंक ⭐ -डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम



डाॅ. भीमराव आंबेडकर जिन्हें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म दिन 14 अप्रैल को पर्व के रूप में भारत समेत पूरे विश्व में मनाया जाता है। क्योंंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आंबेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। आंबेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। आंबेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे इन्होंने 14 अप्रैल 1928 में पुणे नगर में मनाई थी। रणपिसे आंबेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने आंबेडकर जयंती की प्रथा शुरू की और भीम जयंती के अवसरों पर बाबासाहेब की प्रतिमा हाथी के अंबारी में रखकर रथ से, ऊँट के ऊपर कई मिरवणुक निकाली थी।



* उनका जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था 

* उनका परिवार महार जाति से था


* वे एक समाज सुधारक थे और उन्होंने भारतीय समाज में समानता लाने के लिए काम किया. 

* वे भारतीय संविधान की ड्राफ़्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे, इसलिए उन्हें 'भारतीय संविधान का निर्माता' कहा जाता है. 

उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में डिग्री ली थी. 


* उन्होंने 1936 में लेबर पार्टी का गठन किया था. 

* 14 अक्टूबर, 1956 को उन्होंने अपने कई अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण किया था. 

* उन्हें मानववादी विचारधारा का प्रतीक माना जाता है. 

* उनका मानना था कि जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए. 

* उन्होंने शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो, जैसा नारा दिया था. 

* 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

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