शिक्षक को अपनी समस्या कलेक्टर साहब को बताना पड़ा महंगा.. 10वीं में पढ़ रहे अपने पुत्र के 10वीं की परीक्षा प्रवेश पत्र मे अपनी पत्नी के नाम में सुधार कराने संबंधी समस्या लेकर पहुचे थे जनसुनवाई मे.. 💥सवाल पुत्र की पढ़ाई का था 💥 बिना अवकाश और अनुमति के जनसुनवाई में पहुंचने पर शिक्षक हुए निलंबित..

 शिक्षक को अपनी समस्या कलेक्टर साहब को बताना पड़ा महंगा.. 10वीं में पढ़ रहे अपने पुत्र  के 10वीं की परीक्षा प्रवेश पत्र मे अपनी पत्नी के नाम में सुधार कराने संबंधी  समस्या लेकर पहुचे थे जनसुनवाई मे..



💥सवाल पुत्र की पढ़ाई का था 💥



बिना अवकाश और अनुमति के जनसुनवाई में पहुंचने पर शिक्षक हुए निलंबित..



कटनी  -  कहते है भ्रस्टाचार के इस दौर मे ज़ब असहाय आमजन की कोई नहीं सुनता तो उसके पास दो ही रास्ते होते है या तो वो 181 का सहारा लेता है या फिर कलेक्टर की जनसुनवाई मे जाकर अपनी समस्या सुनाता है शायद निदान मिल जाये..लेकिन शिक्षक जो की अपने पुत्र की पढ़ाई के लिए जहाँ अपनी समस्या कटनी कलेक्‍टर के समक्ष  रखी  तो कटनी कलेक्टर ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित क़र दिया गया तथ्य यह की बिना अवकाश स्वीकृत कराये और सक्षम अधिकारी से  मुख्‍यालय छोड़ने की अनुमति प्राप्‍त किये बिना मंगलवार को कलेक्‍ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचना माध्‍यमिक शिक्षक अजय कुमार चौधरी को महंगा पड़ गया। कलेक्टर कटनी ने शिक्षक के इस कृत्य को लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए डीईओ को निलम्बित करने के निर्देश दिए।


कलेक्‍टर कटनी ने विकासखंड बड़वारा के शासकीय माध्‍यमिक शाला बड़ागांव नंबर 2 में पदस्थ माध्‍यमिक शिक्षक  अजय कुमार चौधरी द्वारा  स्कूल छोड़ कर कटनी मुख्यालय  आकर जनसुनवाई में पहुंचने के कृत्‍य को कलेक्टर ने अनुशासनहीनता मानते हुये तत्‍काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये।


गौरतलब है की माध्‍यमिक शिक्षक अजय चौधरी कक्षा 10वीं में अध्‍ययनरत अपने पुत्र अभिजीत चौधरी के 10वीं की परीक्षा प्रवेश पत्र में अपने पुत्र के माता अर्थात् अपनी पत्नी के नाम में सुधार कराने संबंधी आवेदन लेकर बिना अवकाश एवं बिना अनुमति कलेक्‍ट्रेट पहुंचा था। जिसे कलेक्टर ने गंभीर लापरवाही माना। बताया गया है कि माध्‍यमिक शिक्षक अजय कुमार चौधरी की पदस्‍थापना वाला शासकीय माध्‍यमिक शाला बड़ागांव नंबर 2  स्कूल एक शिक्षकीय शाला है। अब शिक्षक के पुत्र की 10 वी की पढ़ाई व समस्या का समाधान होंगा यह तो भगवान ही मालिक है परन्तु जनसुनवाई मे एक शासकीय कर्मचारी को समस्या बताना भारी पड़ गया है

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