मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण - 2026 कार्य में रुचि नहीं लेने और कमजोर प्रगति वाले 19 बीएलओ को कारण बताओं नोटिस जारी

 मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण - 2026


कार्य में रुचि नहीं लेने और कमजोर प्रगति वाले 19 बीएलओ को कारण बताओं नोटिस जारी



कटनी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत कार्य में  रुचि नहीं लेने वाले और समीक्षा के दौरान कम प्रगति पाये जाने पर एस डी एम कटनी श्री प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने 19 बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।इन सभी को 6 नवंबर तक समक्ष में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।


*इन्हें मिला नोटिस*


रूचि नहीं लेने वाले और कमजोर प्रगति वाले जिन 19 बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनमें विधानसभा क्षेत्र मुड़वारा के मतदान केन्द्र क्रमांक 159 की बीएलओ लता दाहिया, मतदान केन्द्र क्रमांक 80 की बीएलओ अनीता दुबे, मतदान केन्द्र क्रमांक 138 की बीएलओ गीता सिंह, मतदान केन्द्र क्रमांक 151 की बीएलओ यशोदा रघुवंशी, मतदान केन्द्र क्रमांक 200 की उर्मिला सेन, मतदान केन्द्र क्रमांक 130 के बीएलओ रतन चौधरी, मतदान केन्द्र क्रमांक 184की बीएलओ रोशनी पेंड्रो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मतदान केन्द्र क्रमांक 152 की बीएलओ नम्रता ताम्रकार, मतदान केन्द्र क्रमांक 288के बीएलओ खुमान सिंह अहिरवार, मतदान केन्द्र क्रमांक 79 की बीएलओ संगीता गौतम एवं मतदान केन्द्र क्रमांक 156 की बीएलओ नीलम सिंह, मतदान केन्द्र क्रमांक 133 की बीएलओ रजनी कनौजिया तथा मतदान केन्द्र क्रमांक 250की बीएलओ उषा हल्दकार, मतदान केन्द्र क्रमांक 245 की बीएलओ अनुपमा गौतम सहित मतदान केन्द्र क्रमांक 265 के बीएलओ गणेश प्रसाद कोरी एवं मतदान केन्द्र क्रमांक 248 के बीएलओ मुकेश निगम, मतदान केन्द्र क्रमांक 253 की बीएलओ शशि धुरिया को भी निर्वाचन कार्य में रूचि नहीं लेने और कम प्रगति पर नोटिस जारी किया गया है।


इसी प्रकार मतदान केन्द्र क्रमांक 82 की बीएलओ स्वाति नायक, और मतदान केन्द्र क्रमांक 86 की बीएलओ अंजना सिंह को भी कारण बताओ नोटिस एस डी एम कटनी श्री चतुर्वेदी ने जारी किया है।


 *जुर्माना व सजा का प्रावधान*


सभी 19 बीएलओ का कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है ।इसलिए ऐसे पदीय कर्तव्य के भंग में किसी कार्य या कार्यलोप का दोषी युक्तियुक्त हेतु के बिना होगा, तो वह 'कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास से कम की नहीं होगी, किंतु दो वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।


संबंधितों को निर्देशित किया गया है कि आप तत्काल कार्य में संतोषजनक प्रगति लावें ।कार्य में अपेक्षित प्रति न आने अथवा उपस्थित होकर समाधानकारण प्रत्युत्तर न प्रस्तुत न करने की स्थिति में आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।

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