अमानक बीज विक्रेता एवं निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचने वाले विक्रय संस्थान का लायसेंस निलंबित
मेसर्स कृषक जागरण,पहरूआ मंडी रोड कटनी व ग्राम पिपरौंध स्थित मेसर्स विशाल ट्रेडर्स...
कटनी - किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर खाद-बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सघन जांच अभियान चलाने और प्रयोगशाला में नमूनों की जांच करवा कर अमानक खाद-बीज एवं कीटनाशक औषधि विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देश के पालन में अमानक बीज का विक्रय करने वाले एक विक्रेता एवं शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने वाले एक उर्वरक विक्रय संस्थान का विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
*इन पर हुई कार्रवाई*
कलेक्टर के निर्देश पर की गई इस कार्यवाही के संबंध में उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास डॉ. आर एन पटेल ने बताया कि विकासखंड के मेसर्स कृषक जागरण (प्रो. श्री संजय गुप्ता) पहरूआ मंडी रोड कटनी के बीज विक्रय संस्थान से लिया गया सरसों बीज नमूना किस्म एचएम सुपर-222 टीएल बीज उत्पादक संस्था- क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड प्रयोगशाला जांच में अमानक पाये जाने के बाद बीज गुण नियंत्रण आदेश 1983 की धारा 15 के अंतर्गत मेसर्स कृषक जागरण बीज भण्डार को प्रदाय किया बीज विकय प्राधिकार पत्र रजिस्टेशन, जो 22 जून 2028 तक वैध था, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसी प्रकार विकासखण्ड-कटनी के ग्राम पिपरौंध स्थित मेसर्स विशाल ट्रेडर्स (प्रो.विशाल जायसवाल) के विरूद्ध शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय की शिकायत प्राप्त होने पर उर्वरक निरीक्षक कृषि विकास अधिकारी क्षेत्र पहाडी से इसकी जांच कराई गई। जिसमें पाया गया कि विकय संस्थान के द्वारा डीएपी उर्वरक शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक पर विक्रय किया जा रहा है। साथ ही पीओएस मशीन में डीएपी उर्वरक की मात्रा निरंक है एवं पीओएस मशीन में विगत कई माह से डीएपी भी नहीं प्राप्त है।
यह कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 3 एवं धारा 35 तथा पीओएस मशीन से विक्रय न किया जाना शासन के निर्देशो का उल्लंघन है।
इसके बाद उपसंचालक कृषि डॉ. पटेल ने उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के खण्ड-31(1) के अंतर्गत मेसर्स विशाल ट्रेडर्स का विक्रय प्राधिकार पत्र जो 30 दिसंबर 2025 तक वैध था, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
साथ ही विक्रय संस्थान संचालक को निर्देशित किया गया है तीन दिवस के अंदर अभिलेखीय जानकारी के साथ स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, अन्यथा कि स्थिति में आपके उर्वरक विक्रय संस्थान का प्राधिकार पत्र निरस्त कर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी, जिसके लिये आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। निलंबन अवधि के दौरान उर्वरकों का क्रय-विकय एवं प्रतिस्थापन प्रतिबंधित रहेगा।

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