पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर दो राइस मिल बंद
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्यवाही
कटनी – म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कटनी के क्षेत्रीय अधिकारी ने तहसील ढीमरखेड़ा एवं विजयराघवगढ़ स्थित दो राईस मिलों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है। यह कार्यवाही जनसुनवाई में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन संबंधी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के मामला संज्ञान में आने के बाद की गई है।
म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम खमरिया स्थित श्री राहुल गुप्ता (राईस मिल) का निरीक्षण 26 नवंबर को किया गया। इसी प्रकार तहसील -विजयराघवगढ़ के ग्राम सिनगौडी स्थित मेसर्स कृष्णा धान मिल का निरीक्षण 3 दिसंबर को किया गया।
निरीक्षण के दौरान इन दोनों राइस मिल का संचालन बोर्ड की स्थापना व उत्पादन सम्मति प्राप्त किये बिना तथा सक्षम एवं प्रभावी वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था स्थापित किये बगैर किया जाना पाया गया।
पर्यावरणीय अधिनियम में दिये गये प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक उद्योग को संचालन एवं उत्पादन करने हेतु बोर्ड से जल अधिनियम 1974 एवं वायु अधिनियम 1981 के अन्तर्गत सम्मति प्राप्त करना तथा प्राप्त सम्मति का अद्यतन नवीनीकरण कराया जाना अनिवार्य है।
इन दोनों राइस मिल में पर्यावरणीय अधिनियमों में दिये गये प्रावधानों के अनुसार सक्षम एवं प्रभावी वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था स्थापित न करते हुए खुले परिसर में भूसी का भण्डारण किया जा रहा था, जो कि पर्यावरणीय अधिनियमों में दिये गये प्रावधानों का उल्लघंन है।
उद्योग में उत्पादन प्रारंभ करने के पूर्व नियमानुसार आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था की स्थापना एवं स्थापित प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था का नियमित संचालन संधारण किया जाना अनिवार्य है।
क्षेत्रीय अधिकारी श्री तिवारी ने इन दोनों राईस मिल को नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुये प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा "31 क" के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए संस्था का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही उन्होंने म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. कटनी द्वारा मिल को प्रदत्त विद्युत कनेक्शन विच्छेदित करने के निर्देश दिये है।
क्षेत्रीय अधिकारी श्री तिवारी ने राईस मिल सचालकों को जारी आदेश की पावती भेजने व आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अन्यथा वायु अधिनियम की धारा 37 (1) के अन्तर्गत कार्यवाही की जावेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी मिल संचालकों की होगी।

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