कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस/आशीष चौधरी: जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार
ग्राम खहरटा में बीती रात डायल 112 पुलिस वाहन पर असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। इस हमले में वाहन का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। गनीमत रही कि वाहन में सवार पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला उस समय किया गया, जब पुलिस टीम एक विवाद सुलझाकर शांति स्थापित कर गांव से वापस लौट रही थी। घटना ने साफ कर दिया है कि अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खाकी की मौजूदगी से भी नहीं डर रहे।
सिगरेट विवाद से शुरू हुआ बवाल
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक मामूली सिगरेट विवाद से हुई। स्थानीय किराना दुकानदार हरिहर गुप्ता ने बताया कि रात करीब 10 बजे दुकान बंद करने के बाद अंकित बर्मन अपने कुछ साथियों के साथ सिगरेट मांगने पहुंचा। दुकान बंद होने की बात कहने पर युवक उग्र हो गए और शटर पर जोर-जोर से पीटने लगे। स्थिति बिगड़ती देख दुकानदार को खुद को दुकान के अंदर बंद करना पड़ा।
112 को बुलाया, फिर पुलिस पर ही किया पथराव
सिगरेट न मिलने से नाराज अंकित बर्मन ने ही डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।
लेकिन जैसे ही डायल 112 वाहन गांव से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे युवकों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में पुलिस वाहन का अगला कांच टूट गया।
तीन आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस वाहन पर हमले की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह बड़वारा पुलिस ने गांव में दबिश देकर—
- लव सिंह
- अंशुल सिंह
- अंकित बर्मन
को हिरासत में ले लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
थाना प्रभारी के.के. पटेल ने बताया,
“पुलिस वाहन पर पथराव एक गंभीर अपराध है। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिले में कार्रवाई के दौरान माधव नगर थाना अंतर्गत आबकारी विभाग के वाहनों पर भी असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
चिंताजनक संकेत
जब शांति बहाल कर लौट रही पुलिस टीम पर ही हमला हो जाए, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। यह घटना साफ संकेत देती है कि अपराधियों में कानून का डर तेजी से खत्म हो रहा है।
यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और अधिक बेकाबू हो सकते हैं।
कटनी जिले की पुलिस द्वारा सप्ताह में तथा बीच-बीच में “कोबिंग गश्त”, विशेष अभियान और सघन चेकिंग जैसी कार्रवाइयों के बड़े-बड़े आंकड़े मीडिया के माध्यम से प्रस्तुत किए जाते हैं। इन आंकड़ों में दर्जनों गिरफ्तारी, सैकड़ों वाहनों की जांच और अपराध नियंत्रण के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से मेल खाती नज़र नहीं आ रही है।
अब देखना यह होगा कि खाकी इस खुली चुनौती का जवाब कितनी सख्ती से देती है।

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