राजस्व प्रकरणों का निराकरण समन्वय व टीम वर्क से करें - कलेक्टर पटवारी हर मंगलवार और गुरुवार को पंचायत मुख्यालय में बैठें राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश


 राजस्व प्रकरणों का निराकरण समन्वय व टीम वर्क से करें - कलेक्टर 


पटवारी हर मंगलवार और गुरुवार को पंचायत मुख्यालय में बैठें


राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश


कटनी -  राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आपसी समन्वय और टीम वर्क के साथ कार्य करें। जिन समस्याओं का निराकरण स्थानीय स्तर पर संभव है, उसके लिए आम नागरिकों को जिला मुख्यालय न आना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। राजस्व अधिकारी मूलभूत समस्याओं के निपटारे के प्रति संवेदनशील बनें और नियमित तौर पर फील्ड विजिट करें। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने राजस्व अधिकारियों को यह निर्देश शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में दिए।


          बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्र, सभी एस डी एम और जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारगण तथा जिला प्रबंधक लोकसेवा दिनेश विश्वकर्मा एवं जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस सौरव नामदेव मौजूद रहे।


*तय होगी जवाबदेही*


          कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दिया कि राजस्व मामलों के निराकरण में कमजोर प्रगति वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी। सभी एस डी एम को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर नियमित तौर पर समीक्षा करना सुनिश्चित करें।


*तहसीलों में हेल्प डेस्क करें शुरू*


          कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों व भू-स्वामियों के फार्मर आईडी बनाने के कार्य को अभियान स्वरूप में प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। इस कार्य में तेजी लाने और भू-स्वामियों की सुविधा की दृष्टि से  तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करें और भूमि-स्वामी की फार्मर आईडी बनवायें और ई-केवाईसी करवायें। कलेक्टर ने लोकसेवा व उप लोकसेवा केन्द्रों और सभी कामन सर्विस सेंटर्स में भी फार्मर आईडी बनाने का काउंटर प्रारंभ करने के निर्देश दिए।किसानों और भूमि-स्वामियों से आग्रह किया गया है कि न्यायालयीन या अन्य कार्य से तहसील आने वाले किसान अपना आधार नंबर अवश्य साथ लायें ताकि हेल्प डेस्क से तत्काल फार्मर आईडी बनाई जा सके। फार्मर आईडी बनाने के कार्य में स्थानीय युवाओं का सहयोग भी प्राप्त करें।भविष्य में खाद प्राप्त करने सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी को आवश्यक किया गया है।


*पंचायतों में बैठें पटवारी*


          कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि पटवारियों को प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक पंचायत भवन में उपस्थिति सुनिश्चित करायें। इस निर्देश का सख्ती से पालन करायें, अनुपस्थिति पर कार्रवाई करें। पटवारी की उपलब्धता होने से जनसामान्य के राजस्व संबंधी कार्य सहजता से हो सकेंगे।


*15 फरवरी तक पूरा करायें डिजिटाइजेशन*


           कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। बताया गया कि ढीमरखेड़ा और विजयराघवगढ़ तहसीलों के अभिलेखों के स्केनिंग का कार्य पूर्णता पर है। अभी तक करीब 19 लाख से अधिक इमेज़ स्कैन हो जाने की जानकारी दी गई। कलेक्टर श्री तिवारी ने 15 फरवरी तक राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का शत-प्रतिशत कार्य पूरा कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ।


*कटनी अग्रणी जिलों में शामिल*


          कलेक्टर श्री तिवारी ने राजस्व वसूली कार्य में तेजी लाने की हिदायत दी। उन्होंने सीमांकन, नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों के निपटारे में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बंटवारा मामलों के निराकरण में कटनी जिले का प्रदेश में छठवां स्थान है। जिले में 86.77 फीसदी प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जबकि नामांतरण के करीब 22 हजार प्रकरणों का निराकरण कर 87.78 प्रतिशत के साथ कटनी जिला प्रदेश में 11 वें स्थान पर है।


          कलेक्टर श्री तिवारी ने वनाधिकार पट्टा, स्वामित्व आबादी सर्वे, स्वामित्व योजना ,पी एम किसान से आधार बैंक लिंकिंग,आर सी एम् एस पोर्टल, अभिलेख दुरूस्ती,साइबर तहसील,लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रकरणों के निपटारे की भी समीक्षा की ।


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