*वैकल्पिक मार्ग बनाया नहीं, बंद कर दिया हाईवे, NVDA अधिकारियों की मनमानी से स्लीमनाबाद की जनता बेहाल
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कटनी /स्लीमनाबाद: स्लीमनाबाद में बरगी-बाणसागर परियोजना के तहत चल रहे टनल निर्माण ने स्थानीय नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। टनल खुदाई के कारण पुराने हाईवे को बंद किए जाने के एक सप्ताह बाद भी अब तक वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि एसडीएम द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों को भी एनवीडीए (NVDA) के अधिकारियों ने ठेंगे पर रख दिया है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
*बिना सूचना बंद किया मार्ग, 4 किमी का अतिरिक्त चक्कर*
गत 10 जनवरी की रात को टनल निर्माण कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक व्यवस्था के पुराने हाईवे पर मिट्टी डालकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया था। वर्तमान में टनल खुदाई का कार्य स्लीमनाबाद पुराने हाईवे के नीचे चल रहा है। मार्ग बंद हुए एक सप्ताह का समय बीत चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों को महज कुछ मीटर की दूरी तय करने के लिए अब फोरलेन से होकर 4 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ हाईवे पर हादसों का डर भी बना रहता है।
*एसडीएम के आदेश भी बेअसर*
आवागमन की समस्या को लेकर 12 जनवरी को जिला पंचायत सदस्य पंडित प्रदीप त्रिपाठी ने प्रशासन को अवगत कराया था। इसके बाद एसडीएम राकेश चौरसिया ने मौके का मुआयना कर निर्माण कंपनी को दो दिनों के भीतर वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इस आदेश के कई दिन बाद भी धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों की इस कार्यप्रणाली को स्थानीय लोग 'हिटलरशाही' करार दे रहे हैं।
*प्रमुख समस्याएँ और खतरे:*
* *आर्थिक बोझ:* स्थानीय लोगों को दिन भर में कई बार आने-जाने के कारण अतिरिक्त ईंधन खर्च करना पड़ रहा है।
* *सुरक्षा का अभाव*: फोरलेन पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरना राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
* *जनता में आक्रोश*: मार्ग बंद करने से पहले न तो ग्रामीणों को सूचित किया गया और न ही कोई वैकल्पिक रास्ता दिया गया।
*इनका कहना है*
"वैकल्पिक मार्ग की नितांत आवश्यकता है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। यदि जल्द मार्ग नहीं बना, तो प्रशासन के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।"
— *पंडित प्रदीप त्रिपाठी*, सदस्य, जिला पंचायत
"वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए गए थे। काम में देरी क्यों हो रही है, इसकी जानकारी लेकर मैं स्वयं दोबारा निरीक्षण करूँगा और समस्या का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।"
— *राकेश चौरसिया*, एसडीएम

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