होली, धुरेड़ी, रामनवमी, ईद आदि पर्व शांति एवं सद्भावनापूर्वक मनाये जाने की दृष्टि से शांति समिति की बैठक सम्पन्न
कटनी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :जिले में होली, धुरेड़ी, नवरात्रि, रामनवमी, चैत्री चांद झूलेलाल जयंजी, ईद-उल-फितर आदि पर्व शांति एवं सद्भावनापूर्वक मनाये जाने की दृष्टि से विचार-विमर्श के लिये कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई ।
बैठक में समिति के सदस्यों से आगामी पर्वों के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई और सुझाव लेते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये । इस संबंध में शांति समिति और जिला प्रशासन द्वारा जिले के नागरिकों से सभी त्यौहारों को शांति, सद्भावना और सौहार्द्र के साथ मनाये जाने की अपील भी की गई ।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर ने बताया कि आगामी 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंग उत्सव (धुरेंडी) तथा रंग पंचमी मनाने की जानकारी दी। शांति समिति के सदस्यों ने 27 मार्च को जवारा विसर्जन और 28 मार्च को रामनवमी के जुलूस के दौरान सभी प्रकार की व्यवस्थाओं का आग्रह किया।
कलेक्टर ने सभी समुचित प्रबंध कराने अधिकारियों को निर्देशित किया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि होलिका दहन के दौरान मुख्य सड़कों और बिजली के तारों के नीचे और ट्रांसफार्मर के पास होलिका जलाने से बचें। हरे-भरे पेड़ों की कटाई न करें। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का अनधिकृत उपयोग न किया जाए। ईद-उल-फितर पर्व की जानकारी देते हुए संयुक्त कलेक्टर ने बताया कि ईद-उल-फितर का पर्व 21 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कटनी जिले में किसी भी त्यौहार को शांति और सद्भावनापूर्ण ढंग से मनाये जाने की बहुत अच्छी परंपरा है तथा इस जिले में समाज के सभी वर्गों के लोग मिलजुलकर सहयोग करते हैं और किसी भी समस्या के निदान के लिये सदैव तत्पर भी रहते हैं जो अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि सभी त्यौहार मिलजुलकर आपसी सद्भाव और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में अच्छे से मनायें। शांति समिति के सदस्य होने के नाते अपने समाज के लोगों विशेषकर युवाओं को शांतिपूर्ण ढंग से त्यौहार मनाने के लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, यातायात, पुलिस आदि की व्यवस्था के साथ ही जिला चिकित्सालय में मरीजों के आकस्मिक उपचार की समुचित व्यवस्था रहेगी ।
कलेक्टर ने कहा कि जिले की पहचान आपसी भाईचारे एवं सांस्कृतिक समरसता से है, जिसे बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, मेला या सार्वजनिक आयोजन हेतु पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजन की संपूर्ण जवाबदेही आयोजन समिति की रहेगी। अनुभाग एवं थाना स्तर पर भी शांति समिति की बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।

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