विद्यालय के जर्जर शौचालय की दीवार गिरने से छात्र की मृत्यु पर प्रशासन सख्त
कलेक्टर ने जांच संस्थित करते हुये संविदा उपयंत्री को किया शासकीय कार्यों से विरत
कटनी /आशीष चौधरी : विकासखण्ड विजयराघवगढ़ के माध्यमिक शाला बम्हनगवां में जर्जर मूत्रालय की दीवार गिरने से घटित हुई दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में जनपद शिक्षा केन्द्र विजयराघवगढ़ के उपयंत्री मनोज स्वर्णकार की लापरवाही मानते हुये कलेक्टर आशीष तिवारी ने, उपयंत्री को शासकीय कार्यों से विरत कर दिया है। साथ ही जांच संस्थित कर जाँच अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
घटना की प्रारंभिक जाँच में यह पाया गया कि विद्यालय जनपद शिक्षा केन्द्र विजयराघवगढ़ के उपयंत्री मनोज स्वर्णकार के कार्यक्षेत्र में रहा एवं उनकी यह जबावदेही रही है, कि वे अधीनस्थ विद्यालयों की सतत मानीटरिंग एवं जर्जर संरचनाओं का चिन्हांकन कर उन्हें प्रतिबंधित एव ध्वस्त करने की कार्यवाही कराएँ। परंतु शाला एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा हेतु लगातार राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल एवं जिला शिक्षा केन्द्र कटनी से निर्देश प्रदान करने के बावजूद उपयंत्री श्री स्वर्णकार अपने दायित्वों के निर्वहन में पूर्णत: अक्षम रहे।
विद्यालय को प्रारंभिक रूप से प्राप्त 25 प्रतिशत आकस्मिक निधि का उपयोग अति आवश्यक मरम्मत कार्य में किया जाना था, जो कि नहीं किया गया। साथ ही उपयंत्री मनोज स्वर्णकार द्वारा मूत्रालय जर्जर होने संबंधी कोई भी जानकारी जिला शिक्षा केन्द्र को नहीं दी गई और न ही मरम्मत कार्य कराया गया और न ही विद्यालय में घटना स्थल पर बच्चों की सुरक्षा के कोई उपाय कराए गए।
इस घटना के संबंध में उपयंत्री मनोज स्वर्णकार को जारी कारण बताओ सूचना पत्र का जबाव संतोष जनक नहीं पाये जाने पर उपयंत्री मनोज स्वर्णकार घटना के दोषी माने गये।
*जांच अधिकारी नियुक्त*
इसके बाद कलेक्टर ने जनपद शिक्षा केन्द्र विजयराघवगढ़ के संविदा उपयंत्री मनोज स्वर्णकार के आरोपों की विस्तृत जांच संस्थित करते हुये बीआरसीसी विजयराघवगढ चेतराम सिंह मरकाम एव प्रभारी सहायक यंत्री जिला शिक्षा केन्द्र कटनी रोहित हल्दकार को संयुक्त रूप से जाँच अधिकारी नियुक्त करते हुये 1 माह के अंदर प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
साथ ही संविदा उपयंत्री मनोज स्वर्णकार को उक्त जाँच अवधि के दौरान शासकीय कार्यों से विरत कर दिया है। इस अवधि में जीवन निर्वाह हेतु नियमानुसार निर्धारित पारिश्रमिक का 50 प्रतिशत की पात्रता होगी।

Post a Comment