*बड़वारा पुलिस की "धांधली" पर बरसे जीतू पटवारी: ग्रामीणों ने बीच सड़क रोका काफिला, मौके से ही SP को लगाया फोन*



*बड़वारा पुलिस की "धांधली" पर बरसे जीतू पटवारी: ग्रामीणों ने बीच सड़क रोका काफिला, मौके से ही SP को लगाया फोन*

बड़वारा/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस/आशीष चौधरी

कटनी जिले के बड़वारा थाना पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा उस समय सड़कों पर उतर आया जब उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्य विपक्षी दल के नेता जीतू पटवारी के काफिले को विलायत कला बस स्टैंड पर रोक लिया। ग्रामीणों ने पुलिसिया प्रताड़ना और भ्रष्टाचार की जो कहानी सुनाई, उसने विपक्षी नेता को मौके पर ही मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया।


*बीच सड़क लगी ग्रामीणों की पंचायत*

कटनी से शहडोल के प्रवास पर जा रहे जीतू पटवारी को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बड़वारा थाना क्षेत्र में न्याय बिक रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटवारी अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और पीड़ितों की व्यथा सुनी।


*SP से फोन पर चर्चा: "गरीबों के साथ ये कैसा न्याय?"*

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के तुरंत बाद जीतू पटवारी ने कटनी पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा को फोन लगाया। उन्होंने फोन पर थाना प्रभारी के.के. पटेल और अन्य कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताया।


*चर्चा के मुख्य बिंदु:*

*रिश्वत का खेल:* पटवारी ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने एक गरीब व्यक्ति से 1 लाख रुपये लिए और फिर भी उसी के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।

*विपक्ष की चेतावनी*: उन्होंने SP से कहा कि अगर पुलिस ही ऐसा करेगी, तो जनता कहाँ जाएगी? उन्होंने दोषियों पर अविलंब 'कठोर कार्यवाही' सुनिश्चित करने की मांग की।

*निष्पक्ष जांच का दबाव:* विपक्षी नेता ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने तक प्रशासन पर दबाव बनाए रखेगी।


*प्रशासनिक खेमे में हड़कंप*

विपक्ष के इस आक्रामक रुख और सीधे पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद बड़वारा पुलिस बैकफुट पर नज़र आ रही है। पटवारी के इस हस्तक्षेप ने स्थानीय पुलिसिंग पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि क्या अब पुलिस अधीक्षक अपने विभाग के कर्मचारियों पर कार्यवाही करेंगे या ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ेगा।

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