*जनसुनवाई में 'पुत्र मोह' या सत्ता में हस्तक्षेप? महापौर के बेटे का वीडियो वायरल, उठे सवाल*
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस/आशीष चौधरी: नगर निगम की जनसुनवाई, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है, अब एक नए विवाद के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने नगर सरकार की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हाल ही में आयोजित जनसुनवाई के दौरान महापौर जनता की शिकायतें सुन रही थीं। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महापौर के पुत्र बार-बार हस्तक्षेप कर रहे हैं। वे न केवल अपनी माता (महापौर) के कान में कुछ फुसफुसाते नजर आ रहे हैं, बल्कि स्पष्ट रूप से "ऐसा मत करना" जैसी हिदायतें देते भी सुने/देखे जा रहे हैं।
*विपक्ष और जनता में आक्रोश*
वीडियो के सामने आने के बाद शहर के गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष ने इसे 'रिमोट कंट्रोल' से सरकार चलाना करार दिया है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है:
*प्रोटोकॉल का उल्लंघन*: किसी भी आधिकारिक जनसुनवाई में निर्वाचित प्रतिनिधि के परिवार का इस तरह हस्तक्षेप करना प्रशासनिक नियमों के विरुद्ध है।
*समाधान की कमी:* आरोप लग रहे हैं कि जनसुनवाई में समस्याओं का मौके पर निराकरण करने के बजाय केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं।
*पारदर्शिता पर सवाल:* जनता का पूछना है कि क्या फैसले महापौर ले रही हैं या उनके पर्दे के पीछे बैठे परिजन?
"जब जनता अपनी समस्या लेकर महापौर के पास आती है, तो उसे उम्मीद होती है कि उसका समाधान नियमानुसार होगा, न कि किसी बाहरी हस्तक्षेप के आधार पर।" —
*राकेश शर्मा*, एक स्थानीय नागरिक

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