जब नींद खुलेगी तब होगी अमानक पॉलीथिन पर कार्रवाई
अमानक पॉलीथिन बेचने वाले व्यापारियों पर नगर निगम कटनी की असीम कृपा?
कटनी : शहर में प्रतिबंधित अमानक पॉलीथिन की बिक्री एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर निगम में तेजतर्रार आयुक्त की मौजूदगी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का पुराना और ढीला रवैया साफ दिखाई दे रहा है। शहर के कई बाजारों में खुलेआम प्रतिबंधित पॉलीथिन की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ही अमानक पॉलीथिन का कारोबार फल-फूल रहा है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित होने के बावजूद व्यापारी बेखौफ होकर इन पॉलीथिन की बिक्री कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा दुष्परिणाम पर्यावरण और मूक पशुओं को भुगतना पड़ रहा है, जो कचरे के साथ इन पॉलीथिन को खाकर बीमार पड़ जाते हैं और कई बार अपनी जान तक गंवा देते हैं।
आरोप यह भी है कि नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग महज 3 से 6 माह में एक बार दिखावटी कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर लेता है। इसके बाद फिर वही व्यापारी दोबारा पॉलीथिन बेचने लगते हैं और मानो उन्हें अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल जाता है।
सूत्रों के अनुसार झंडा बाजार, गोल बाजार, सब्जी मंडी और शंकर टॉकीज के आसपास कई दुकानों से बड़े पैमाने पर अमानक पॉलीथिन की सप्लाई पूरे शहर में की जा रही है। इसके बावजूद अब तक सख्त कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
वर्तमान में नगर निगम कटनी के आयुक्त तपस्या परिहार हैं, वहीं शहर की महापौर प्रीति सूरी हैं। ऐसे में शहरवासियों की नजर अब नगर निगम प्रशासन पर है कि आखिर प्रतिबंधित पॉलीथिन के इस खुले खेल पर सख्त कार्रवाई कब तक होती है।
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