होमस्टे में ठहरे विदेशी मेहमान, बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद
कटनी/आशीष चौधरी – मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना 'ग्रामीण पर्यटन' अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। इसी क्रम में फ्रांस से आए चार विदेशी पर्यटकों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गाँवों का भ्रमण किया। यहाँ के ग्रामीण परिवेश और 'होमस्टे' की सुविधाओं ने विदेशी मेहमानों को इस कदर मंत्रमुग्ध किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज से बेहतर विकल्प बताया।
*विदेशी मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत*
भारत भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गाँव पहुँचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह के नेतृत्व में इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से रूबरू कराया गया।
*होमस्टे बना आकर्षण का केंद्र*
पर्यटकों ने कटनी के साथ-साथ उमरिया जिले के दमना और मरईकला गाँवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार इन होमस्टे को आकर्षक रंग-रोगन और स्थानीय कलाकृतियों से सजाया गया है।
विदेशी मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि लॉज और होटल की तुलना में होमस्टे में रुकना कहीं अधिक सुखद है। यहाँ रुकने से उन्हें ग्रामीण वेशभूषा, रहन-सहन और वेश-भूषा को करीब से जानने का मौका मिला। पर्यटकों ने स्थानीय व्यंजनों और देशी खान-पान का जमकर लुत्फ उठाया।
*बैलगाड़ी की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल*
भ्रमण के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अद्भुत अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण हस्तकला जैसे बांस शिल्प, मिट्टी शिल्प और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटकों ने गाँव के आसपास स्थित पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल*
सचिव निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे विकसित होने से गाँव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को वैश्विक पहचान मिल रही है।

Post a Comment