*मार्च माह में जिले की 27 अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाने फायर टीम के सफलतम प्रयास*
*नगर निगम का फायर अमला अलर्ट मोड़ पर कर रहा दायित्वों का निर्वहन*
*मुस्तैद फायर सिस्टम और त्वरित रिस्पॉन्स बना ढाल*
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी । जिले में बढ़ती ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ होने के साथ अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका के बीच नगर निगम का फायर ब्रिगेड का अमला सक्रियता और सजगता के साथ दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के चलते माह मार्च 2026 में सामने आए जिले के सभी 27 अग्नि प्रकरणों पर फायर अमला द्वारा समय रहते किए गए सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप नियंत्रण पाकर संभावित बड़े नुकसान को टालने में सफलता मिली है।
फायर प्रभारी एवं उपयंत्री श्री मृदुल श्रीवास्तव के अनुसार, 1 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 27 अग्नि दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 16 घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 11 घटनाएं शहरी क्षेत्रों में हुईं। हर मामले में फायर टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर शीघ्र काबू पाया।
*लापरवाही बनी प्रमुख कारण*
निगम प्रशासन के अनुसार अधिकांश घटनाएं सूखी घास, कचरे के ढेर, शॉर्ट सर्किट और मानवीय लापरवाही के कारण हुईं। हालांकि समय पर सूचना और फायर अमले की सक्रियता के चलते इन घटनाओं को गंभीर रूप लेने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया।
*अलर्ट मोड पर फायर अमला*
वर्तमान मौसम को देखते हुए फायर ब्रिगेड को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उपकरणों की नियमित जांच, पर्याप्त पानी की उपलब्धता और कर्मचारियों की तत्परता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
*मॉक ड्रिल से बढ़ाई जा रही जागरूकता*
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देशन में नगर की घनी बस्तियों और शासकीय कार्यालयों में मॉक ड्रिल का आयोजन कर नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
*नागरिकों से अपील*
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि खुले में कचरा या सूखी घास न जलाएं,विद्युत उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच कराएं, ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखें,
आग लगने की स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें।
नगर निगम का स्पष्ट संदेश है कि अग्नि दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन सतर्कता और जिम्मेदारी से इनके खतरे और प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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