'अमानक' बर्फी बेचने वाले दुकानदार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना, 30 दिन में जमा न करने पर निरस्त होगा लाइसेंस
प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में इस बर्फी को 'मिथ्याछाप' घोषित
कटनी /आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस - अमानक और मिथ्याछाप बर्फी बेचने के मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा ने कटनी के बस स्टैंड स्थित लल्लू टी स्टॉल पर 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। इसके साथ ही 30 दिवस के भीतर जुर्माना राशि जमा न करने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है।
*यह है पूरा मामला*
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओम प्रकाश साहू 28 अक्टूबर 2024 को कटनी के बस स्टैंड स्थित 'लल्लू टी स्टॉल' औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक मनसुखलाल जायसवाल पिता छेदीलाल जायसवाल द्वारा दुकान में बिक्री के लिए रखी गई 'बर्फी (लूज)' की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बर्फी के 500-500 ग्राम के चार नमूने (सैंपल) जांच के लिए लिए थे। इन नमूनों को सील बंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया था।
*जांच में फेल हुआ सैंपल*
भोपाल प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में इस बर्फी को 'मिथ्याछाप' घोषित किया गया। रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006' की धारा 26(2)(ii) और सहपठित धारा 52 के उल्लंघन का मामला दर्ज करते हुए न्यायालय में परिवाद पेश किया था।
*सुनवाई में अनुपस्थित रहा प्रतिष्ठान संचालक*
न्यायालय द्वारा आरोपी दुकानदार मनसुखलाल जायसवाल को अपना पक्ष रखने और जवाब प्रस्तुत करने के लिए कई बार नोटिस जारी कर तलब किया गया था। इसके बावजूद, न तो वह अदालत में हाजिर हुआ और न ही उसकी ओर से कोई जवाब या सफाई पेश की गई। इसे अदालत ने अपराध की मूक स्वीकृति मानते हुए मामले की एकतरफा सुनवाई की।
*दुकानदार पर लगा 25 हजार रूपये का जुर्माना*
अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी ने दोषी पाए जाने पर दुकानदार पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही अर्थदंड की राशि निर्धारित ट्रेजरी चालान के माध्यम से हैड क्रमांक 0210 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य, 04- लोक स्वास्थ्य, 104- शुल्क एवं अर्थ दंड आदि (0754) खाद्य अपमिश्रण एवं औषधि नियंत्रण के अंतर्गत लाइसेंस फीस अर्थदंड आदि के खाते में 30 दिवस के भीतर जमा कर चालान की प्रति इस न्यायालय में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया है। जुर्माना राशि जमा करने और चालान की प्रति न्यायालय में पेश करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है। यदि 30 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 96 के तहत दुकानदार का व्यापारिक लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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