*कटनी में आईपीएल सट्टेबाजी का 'सफेदपोश' खेल, क्या रसूख के आगे नतमस्तक है सिस्टम?*


*कटनी में आईपीएल सट्टेबाजी का 'सफेदपोश' खेल, क्या रसूख के आगे नतमस्तक है सिस्टम?*

कटनी। देश में इन दिनों आईपीएल (IPL) का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इस खेल की आड़ में कटनी जिले में करोड़ों रुपये के सट्टे का काला कारोबार अपने चरम पर पहुँच चुका है। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार के तार शहर के कई रसूखदारों, प्रभावशाली व्यक्तियों और 'सफेदपोश' चेहरों से जुड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि सट्टा बाजार के गलियारों में जिनके नाम जगजाहिर हैं, अधिकारी उन तक पहुँचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है।


*सत्ता का 'कवच' और सिस्टम की चुप्पी*

सूत्रों की मानें तो कटनी में सट्टेबाजी का यह नेटवर्क किसी गुप्त ठिकाने से नहीं, बल्कि रसूखदारों के संरक्षण में फल-फूल रहा है। आरोप लग रहे हैं कि रसूखदारो के संरक्षण के चलते जिम्मेदार विभाग इन बड़े खिलाड़ियों की ओर आँख उठाकर देखने से भी कतरा रहा है। जब शहर के हर छोटे-बड़े बुकी को यह पता है कि आईपीएल सट्टे की 'प्रमुख लाइन' कहाँ से और किसके माध्यम से मिल रही है, तो सवाल उठता है कि जिम्मेदार महकमा इस हकीकत से अनजान क्यों बना बैठा है?


*करोड़ों का दांव, एक महीने का खेल बाकी*

आईपीएल का सीजन अभी अपने आधे सफर पर है और अभी लगभग एक महीने का खेल बाकी है। सट्टा बाजार के जानकारों के अनुसार, प्रतिदिन करोड़ों रुपये का दांव लगाया जा रहा है। सट्टेबाजी का यह मायाजाल डिजिटल माध्यमों और ऐप के जरिए गली-मोहल्लों तक फैल चुका है, जिससे युवा पीढ़ी तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रही है।


*शहर में चर्चा, फाइलों में सन्नाटा*

कटनी में सट्टेबाजी से जुड़े कई नाम आम जनता के बीच चर्चा का विषय हैं। इसके बावजूद, पुलिस की कार्रवाई केवल छोटे मोहरों या छोटे-मोटे सटोरियों तक ही सीमित नजर आती है। बड़े 'मगरमच्छ' आज भी कानून के शिकंजे से बाहर हैं।

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