रात्रि गश्त की पोल "खोल गई" चोरी की कोशिश, रंगनाथ थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में सेंध लगाने का प्रयास।


 




रात्रि गश्त की पोल "खोल गई" चोरी की कोशिश, रंगनाथ थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में सेंध लगाने का प्रयास।

कटनी/न्यूज़ एमपी एक्सप्रेस/आशीष चौधरी। शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच रंगनाथ थाना क्षेत्र के बरगवां में शुक्रवार तड़के एक मोबाइल दुकान में चोरी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। अज्ञात चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसने की फिराक में थे, लेकिन आसपास मौजूद कुत्तों के लगातार भौंकने से घबराकर उन्हें बिना वारदात किए ही मौके से भागना पड़ा। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है।

जानकारी के अनुसार बरगवां मुख्य मार्ग स्थित माय मोबाइल मार्ट को चोरों ने निशाना बनाया। देर रात पहुंचे बदमाश दुकान का शटर तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान कुत्तों के शोर-शराबे से आसपास हलचल होने की आशंका के चलते आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर लोगो में चिंता का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगो का कहना है कि यदि कुत्तों ने समय रहते शोर नहीं मचाया होता तो दुकान में बड़ी चोरी की वारदात हो सकती थी। व्यापारियों ने पुलिस की रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि शहर में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखाई नहीं दे रहा।

उल्लेखनीय है कि इसी माह कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक मोबाइल दुकान से चोर लाखों रुपये कीमत के मोबाइल फोन चोरी कर ले गए थे। उस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। लोगो का आरोप है कि ऐसी घटनाओं से अपराधियों के हौसले और अधिक बढ़ रहे हैं।

फिलहाल रंगनाथ थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। हालांकि शहर में लगातार हो रही चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाओं ने पुलिस की प्रभावी गश्त व्यवस्था के दावों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि कुछ वारदातें उन दिनों भी सामने आई हैं, जब पुलिस द्वारा विशेष कॉम्बिंग गश्त चलाए जाने का दावा किया गया था। ऐसे में शहरवासियों और व्यापारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।


सूत्रों की मानें तो रंगनाथ थाना क्षेत्र की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जाता है कि रात की ड्यूटी के दौरान थाने में महज 3 से 4 पुलिसकर्मी ही मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य कर्मियों की उपस्थिति को लेकर चर्चा बनी रहती है। यदि यह स्थिति सही है तो व्यापक क्षेत्र की निगरानी और आपातकालीन घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।

 

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