*कटनी में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 10 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी* *संतोषजनक जवाब नहीं तो लाइसेंस होंगे निलंबित*


 *कटनी में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 10 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी*


*संतोषजनक जवाब नहीं तो लाइसेंस होंगे निलंबित*



कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :जिले में औषधियों की बिक्री और भंडारण व्यवस्था को नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर्स की जांच के बाद अनियमितता और कमियां पाये जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए  जिले के 10 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया और इस औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन एवं अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है।संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जायेगी।


 *ये मिलीं कमियां*


 ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स  की जांच में दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी में की जानी चाहिए थी, लेकिन कई स्टोर में वे नहीं मिले।उचित बिल या कैश मेमो ग्राहकों को देना आवश्ययक है, जो भी कई स्टोर में नहीं मिले।अनुसूची एच, एच 1 एवं एक्स दवाओं की बिक्री केवल अधिकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही किया जा सकता है तथा निर्धारित अभिलेख संधारित करना अनिवार्य है। लेकिन अभिलेख संधारित नहीं मिले।दवाओं की खरीद एवं बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड भी संधारित होना चाहिए था।




    *इन मेडिकल स्टोर्स को जारी हुआ नोटिस*


कारण बताओ नोटिस जिन मेडिकल स्टोर्स को जारी किए गए हैं उनमें साईं मेडिकल एंड जनरल स्टोर हरदुआ, नवीन मेडिकल स्टोर रीठी, अनिका मेडिकल एंड जनरल स्टोर देवगांव, संदीप मेडिकल  स्टोर बहोरीबंद, प्रकाश मेडिकल, आदित्य मेडिकल बहोरीबंद, गौतम मेडिकल, गणेश मेडिकल, मोहित मेडिकल एंड जनरल स्टोर पिपरोंध तथा माहिर मेडिकल एंड जनरल स्टोर निवार पहाड़ी शामिल हैं।


औषधि प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित संचालकों से निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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