विरोध का हाईवे बना अपराध: जुहली मोड़ चक्काजाम मामले में 30 ग्रामीणों पर एफआईआर


 

विरोध का हाईवे बना अपराध: जुहली मोड़ चक्काजाम मामले में 30 ग्रामीणों पर एफआईआर

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी । एनकेजे थाना क्षेत्र के जुहली मोड़ पर नाबालिग की कथित पिटाई के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने वाले ग्रामीण अब कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। कटनी-शहडोल नेशनल हाईवे पर घंटों तक आवागमन बाधित करने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों समेत 25 से 30 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कमलेश सिंह की शिकायत पर की गई है। दर्ज मामले में राहुल तिवारी, घोड़े लाल चौधरी, अभिषेक पटेल, प्रीति ठाकुर, कौशल्या ठाकुर और मोहित यादव को नामजद आरोपी बनाया गया है। वहीं प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए पुलिस वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ्स की जांच कर रही है।

दरअसल, 8 जून को जुहली गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने एनकेजे पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जुहली मोड़ पर चक्काजाम कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि दो पक्षों के विवाद के सिलसिले में थाने पहुंचे एक नाबालिग को पुलिस ने कई घंटों तक हिरासत में रखकर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और मारपीट की, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इस घटना से नाराज ग्रामीण कथित पीड़ित नाबालिग को सड़क पर लिटाकर धरने पर बैठ गए थे और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

प्रदर्शन का असर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिला। शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ चक्काजाम रात साढ़े 9 बजे तक जारी रहा, जिसके चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जुहली मोड़ से मझगवां टोल प्लाजा तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति तब सामान्य हुई जब डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा और कुठला थाना प्रभारी अखिलेश दाहिया मौके पर पहुंचे तथा मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। हालांकि अब विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों पर दर्ज एफआईआर ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। एक ओर ग्रामीण पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस हाईवे जाम को कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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