हाईवे पर डीजल चोरों का आतंक: एक रात में तीन ट्रकों से 650 लीटर से अधिक डीजल पार
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :जिले के नेशनल हाईवे पर सक्रिय डीजल चोर गिरोह अब परिवहन व्यवसायियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले इस नेटवर्क ने ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटनाओं में बड़वारा थाना क्षेत्र में एक ही रात के भीतर तीन ट्रकों से 650 लीटर से अधिक डीजल चोरी होने की वारदात सामने आई है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था और रात्रिकालीन पुलिस गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार रात बड़वारा क्षेत्र के पंचवटी ढाबा के पास खड़े दो ट्रकों को चोरों ने निशाना बनाया। गुरुनानक वार्ड निवासी गिरीश बड़गैंया के ट्रक क्रमांक एमपी-20-जेडएन-5610 एवं एमपी-16-एच-1228 के डीजल टैंकों के लॉक तोड़कर बदमाश करीब 300 लीटर डीजल निकाल ले गए। दोनों वाहनों के चालक रात में भोजन के बाद ट्रकों में ही सो रहे थे और सुबह उठने पर चोरी का पता चला। मामले की शिकायत बड़वारा पुलिस से की गई है, जिस पर जांच शुरू कर दी गई है।
इसी रात दूसरी वारदात विलायतकला स्थित कुशवाहा ढाबा के समीप हुई। यहां खड़े ट्रक क्रमांक सीजी-10-सीबी-8029 से अज्ञात चोर लगभग 350 लीटर डीजल चोरी कर ले गए। ट्रक मालिक हरमीत सिंह खुराना के अनुसार घटना के समय चालक वाहन के भीतर सो रहा था, लेकिन बदमाशों ने बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी तत्काल अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी है।
परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि डीजल चोरी की घटनाएं अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। कुठला, इंडस्ट्रियल एरिया, चाका, लमतरा, ढीमरखेड़ा, स्लीमनाबाद और अन्य हाईवे मार्गों पर भी ऐसे गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार यह कार्य किसी संगठित सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा है, जो आधुनिक सक्शन पंप और पाइपों की मदद से कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लीटर डीजल निकाल लेते हैं।
लगातार बढ़ रही इन घटनाओं से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वाहन मालिकों और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से हाईवे किनारे स्थित ढाबों और पार्किंग स्थलों पर निगरानी बढ़ाने, रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने तथा डीजल चोरी में शामिल संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो हाईवे पर खड़े वाहनों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

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