1.25 लाख का सरकारी खेल! जिस पंचायत का पैसा था, पहुंच गया दूसरी पंचायत के खाते में
सरकारी लापरवाही का नमूना: जिस पंचायत को मिलना था पैसा, वह पहुंचा दूसरी पंचायत में
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी । सरकारी कामकाज में एक छोटी सी लापरवाही भी लाखों रुपये के वित्तीय गड़बड़झाले का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत में सामने आया है, जहां विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्य की 1.25 लाख रुपये की पहली किस्त गलत ग्राम पंचायत के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। अब प्रशासन संबंधित पंचायत से राशि वापस मंगाने की प्रक्रिया में जुटा है।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत खम्हरिया-1 में रंगमंच निर्माण कार्य के लिए 2.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसकी पहली किस्त 1.25 लाख रुपये जारी की जानी थी, लेकिन विभागीय त्रुटि के कारण यह राशि ग्राम पंचायत खम्हरिया-2 के बैंक खाते में पहुंच गई।
गलती सामने आने के बाद जनपद पंचायत रीठी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 23 जून 2026 को पत्र जारी कर खम्हरिया-2 के सरपंच, सचिव अमित ताम्रकार एवं रोजगार सहायक केशव प्रसाद यादव को निर्देश दिए कि वे त्रुटिवश प्राप्त 1.25 लाख रुपये ग्राम पंचायत खम्हरिया-1 के एसबीआई रीठी स्थित खाते में तत्काल अंतरित करें तथा इसकी जानकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर कटनी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है, जिससे स्पष्ट है कि मामला उच्च स्तर तक पहुंच चुका है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। आखिर सरकारी खजाने से राशि जारी करने से पहले बैंक खाते और पंचायत के नाम का सत्यापन कैसे नहीं किया गया? यदि यह त्रुटि समय रहते सामने नहीं आती तो सरकारी धन की वापसी कैसे सुनिश्चित होती? वित्तीय लेन-देन में इस प्रकार की चूक प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
फिलहाल प्रशासन राशि वापस लेने की प्रक्रिया में जुटा है, लेकिन यह मामला सरकारी वित्तीय प्रबंधन में अधिक सतर्कता और जवाबदेही की आवश्यकता को भी उजागर करता है।

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