*बरही में प्रशासनिक कार्रवाई: सरकारी जमीन पर संचालित दो क्रेशर सीज*



*बरही में प्रशासनिक कार्रवाई: सरकारी जमीन पर संचालित दो क्रेशर सीज*

कटनी।

जिले के बरही क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो क्रेशरों को सीज कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय जमीन के दुरुपयोग और सार्वजनिक रास्ता बाधित करने के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर की गई है।

कार्रवाई के दौरान मौके पर तहसीलदार आदित्य द्विवेदी, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा और खनिज इंस्पेक्टर कमलकांत परस्ते सहित राजस्व और खनिज विभाग की टीम मौजूद रही।


*क्या है पूरा मामला?*

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीज किए गए क्रेशरों में एक तिलक राज ग्रोवर का है और दूसरा केपी अवस्थी का बताया जा रहा है।

* *नियमों का उल्लंघन:* उक्त शासकीय जमीन इन संबंधितों को 'सब्सिडी पर्पज' (Subsidy Purpose) के लिए आवंटित की गई थी। नियमों के मुताबिक, सब्सिडी पर्पज के तहत मिली सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर क्रेशर का संचालन नहीं किया जा सकता था।

* *हाईकोर्ट में जनहित याचिका:* नियमों के ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन क्रेशरों (विशेषकर तिलक राज ग्रोवर के क्रेशर) के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी।

* *कलेक्टर का कड़ा एक्शन:* मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से जमीन का सब्सिडी पर्पज निरस्त कर दिया था और जमीन वापस लेने के लिए संबंधितों को नोटिस जारी किया था।


*मौके पर जमीन पर मिला कब्जा, रास्ता भी था बाधित*

नोटिस की अवधि के बाद जब तहसीलदार आदित्य द्विवेदी और खनिज विभाग की संयुक्त टीम आज बरही स्थित मौके पर पहुंची, तो पाया कि विवादित शासकीय जमीन पर तिलक राज ग्रोवर और केपी अवस्थी के क्रेशर का हिस्सा मौजूद था। इतना ही नहीं, इन क्रेसरों के कारण आम जनता का रास्ता भी बाधित हो रहा था।

प्रशासनिक टीम ने बिना वक्त गंवाए दोनों क्रेशरों को मौके पर ही सीज करने की कार्रवाई की।


"कलेक्टर महोदय के सख्त निर्देशों के पालन में यह कार्रवाई की गई है। नियमों का उल्लंघन कर शासकीय और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर क्रेशर का संचालन किया जा रहा था, जिसे सीज कर दिया गया है।"

— *आदित्य द्विवेदी,* तहसीलदार, बरही

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