कटनी जंक्शन पर नियमों की अनदेखी! 20 से ज्यादा अवैध वेंडरों से बिक रहा खाद्य सामान
प्लेटफॉर्म-5 पर स्टॉल के अधीन बिना लाइसेंस फल-केला बेचने का आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
कटनी। कटनी जंक्शन के प्लेटफॉर्मों पर इन दिनों खाद्य सामग्री की बिक्री को लेकर नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार स्टेशन परिसर में 20 से अधिक ऐसे वेंडर सक्रिय हैं, जिनके पास खाद्य सामग्री बेचने के लिए आवश्यक वैध अनुमति या लाइसेंस नहीं होने के बावजूद यात्रियों को फल, सेब, केला सहित अन्य खाने-पीने की सामग्री बेची जा रही है।
सबसे गंभीर स्थिति प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर बताए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि यहां शिव शक्ति स्टॉल के अधीन बड़ी संख्या में कथित अवैध वेंडरों से खाद्य सामग्री की बिक्री कराई जा रही है। सवाल यह है कि यदि इन वेंडरों के पास वैध लाइसेंस नहीं हैं तो उन्हें स्टेशन परिसर में बिक्री की अनुमति किस आधार पर मिल रही है?
यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ का आरोप
रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए निर्धारित नियमों का पालन बेहद जरूरी है। बिना अनुमति या निर्धारित मानकों के खाद्य पदार्थों की बिक्री से यात्रियों की सेहत और खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। खासकर खुले में फल व अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं की निगरानी भी जरूरी है।
आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी पर सवाल
स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में कथित अवैध वेंडरों की सक्रियता के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वास्तव में बिना लाइसेंस के वेंडर नियमित रूप से यात्रियों को सामान बेच रहे हैं तो जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?
स्थानीय सूत्रों द्वारा पूरे मामले में कथित मिलीभगत और लेन-देन की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में रेलवे के संबंधित अधिकारियों द्वारा स्टेशन परिसर में संचालित सभी स्टॉल और वेंडरों के लाइसेंस, अनुमति एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।
जांच हुई तो सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क
यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो प्लेटफॉर्मों पर अधिकृत और अनधिकृत वेंडरों की वास्तविक संख्या सामने आ सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता को देखते हुए रेलवे प्रशासन को नियमित निरीक्षण कर नियम विरुद्ध पाए जाने वाले वेंडरों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस मामले में जांच कर कार्रवाई करता है या प्लेटफॉर्मों पर कथित अवैध वेंडिंग का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है।
Post a Comment