ये कैसी व्यवस्था! कोतवाली पुलिस को चुनौती दे गए मुकुट चोर, रात्रि गश्त और सक्रियता की खुली पोल पुराने जिला न्यायालय स्थित हनुमान मंदिर से दिनदहाड़े 22 तौला चांदी का मुकुट चोरी, कोतवाली से महज 200 कदम की दूरी पर हुई वारदात


 

ये कैसी व्यवस्था! कोतवाली पुलिस को चुनौती दे गए मुकुट चोर, रात्रि गश्त और सक्रियता की खुली पोल

पुराने जिला न्यायालय स्थित हनुमान मंदिर से दिनदहाड़े 22 तौला चांदी का मुकुट चोरी, कोतवाली से महज 200 कदम की दूरी पर हुई वारदात

कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष कुमार । कटनी में पुलिस कितनी सक्रिय है, इसके उदाहरण समय-समय पर सामने आते रहते हैं। अब कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात ने पुलिस की सक्रियता और रात्रि गश्त की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाने से महज करीब 200 कदम की दूरी पर स्थित पुराने जिला न्यायालय परिसर के हनुमान मंदिर में चोरों ने ताला तोड़कर हनुमान प्रतिमा से करीब 22 तौला चांदी का मुकुट चोरी कर लिया।

बताया जा रहा है कि चोर मंदिर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और हनुमान प्रतिमा पर चढ़ा चांदी का मुकुट लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुजारी के द्वारा ज़ब सुबह मंदिर का दरवाजा खोला गया तो चांदी का मुकुट गयाब था जिसके बाद पुजारी द्वारा कोतवाली मे सूचना दी गई,सवाल यह भी है कि जब कोतवाली थाना क्षेत्र में ही मंदिर सुरक्षित नहीं हैं तो शहर के अन्य हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा?

इस घटना से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चोरों के बीच पुलिस का खौफ कम हो गया है? आखिर थाना क्षेत्र के इतने नजदीक मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम देकर चोर आसानी से फरार कैसे हो गए?

इन दिनों कोतवाली थाने की कमान राखी पाण्डेय के हाथों में है। इससे पहले भी थाना क्षेत्र में चोरी की कई वारदातें सामने आती रही हैं, जिनको लेकर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठते रहे हैं। अब मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी होने की घटना ने एक बार फिर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

वहीं, कोतवाली थाने में लंबे समय से जमे कुछ आरक्षक और प्रधान आरक्षकों को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं। थाने की व्यवस्था में इनकी भूमिका और सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में मंदिर चोरी की यह घटना पुलिस के लिए सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं, बल्कि रात्रि गश्त, निगरानी और थाना क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी की वास्तविकता पर सवालिया निशान है।

अब देखना यह है कि पुलिस चोरों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और मंदिर से चोरी हुए 22 तौला चांदी के मुकुट की बरामदगी कब तक हो पाती है।

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