*सायबर ठगी से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य कुठला पुलिस की गिरफ्त में*




 *सायबर ठगी से जुड़े अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य कुठला पुलिस की गिरफ्त में* 


कटनी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस /आशीष चौधरी :कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक  के नेतृत्व में सायबर अपराध के ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है ।

घटना का संक्षिप्त विवरण – प्रार्थी अंकित राय पिता परमानंद राय उम्र 30 वर्ष निवासी कछंगवा कटनी ने 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पोर्टल में शिकायत दर्ज कराई कि उसके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुड़वारा शाखा के खाते से उसकी जानकारी एवं सहमति के बिना यूपीआई के माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 90,000 रुपये एवं 98,000, कुल 1,88,000 रुपये अज्ञात व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित कर दिए गए । आवेदक द्वारा बैंक में जानकारी लेने पर साइबर धोखाधड़ी का पता चला । प्राप्त शिकायत एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 425/26 धारा 318(4) BNS का पंजीबद्ध कर विवेचना दौरान कुठला थाना पुलिस द्वारा तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन विवरण, यूपीआई आईडी, मोबाइल नम्बर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लगातार तकनीकी जांच एवं पतासाजी के आधार पर आरोपी कुलदीप सिंह पिता भरत सिंह सोलंकी उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रोलाना थाना सांगोद जिला कोट राजस्थान, शुभम मीणा उर्फ सानू पिता चिरंजीलाल मीणा उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम नीलम खुर्द थाना कोतवाली जिला सावाई माधोपुर राजस्थान की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ की गई तथा साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं ठगी की राशि के सम्बंध में विस्तृत पूछताछ करने पर अन्य आरोपियों के सम्बंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले है  । दोनो आरोपियों को माननीय न्यायालय पेश किया गया जहां से आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है ।

थाना कुठला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम नंबर अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, किसी के बहकावे व लालच में आकर अपना बैंक खाता से जुड़े दस्तावेज, एटीएम व बैंक में लिंक मोबाइल नम्बर सांझा न करे, यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा निकटतम पुलिस थाना एवं www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर धोखाधड़ी की राशि को सुरक्षित कराया जा सके।


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