वाहवाही के बीच बदहाली: निगम के विकास दावों को मुंह चिढ़ा रही अमकुही की सड़क
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस : नगर निगम कटनी में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर एक बार फिर सामने आया है। शहर में समय-समय पर विकास कार्यों और विभिन्न आयोजनों के प्रचार-प्रसार के बीच कई इलाकों की मूलभूत सुविधाएं अब भी बदहाल नजर आ रही हैं। ऐसा ही नजारा महाराणा प्रताप वार्ड के अमकुही क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय के पीछे की सड़क का है, जहां सड़क की स्थिति से स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जाता है कि इस क्षेत्र में सैकड़ों परिवार निवास करते हैं और लंबे समय से सड़क के सुधार की मांग की जा रही है। बावजूद इसके सड़क की बदहाली दूर नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक खराब होने की आशंका रहती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब नगर निगम समय-समय पर कर वसूली के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करने के अभियान चलाता है, तो उन्हीं नागरिकों को बेहतर सड़क, नाली और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी निगम की है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर शहर के कई हिस्सों में जर्जर सड़कों की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है।
वहीं, निगम की ओर से विकास कार्यों और आयोजनों को लेकर किए जाने वाले प्रचार-प्रसार पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि विकास का वास्तविक पैमाना बड़े-बड़े दावे या आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं हैं। यदि शहर के रिहायशी क्षेत्रों में सड़कें बदहाल हैं, तो विकास के दावों की जमीनी तस्वीर पर सवाल उठना लाजिमी है।
वर्तमान में महापौर प्रीति सूरी और नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार के कार्यकाल में इस सड़क की स्थिति जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि सड़क की वर्तमान स्थिति के पीछे तकनीकी अथवा निर्माण संबंधी कारण क्या हैं, यह संबंधित विभाग के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अब देखना यह है कि नगर निगम इस मामले में मौके का निरीक्षण कर सड़क के सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाता है या फिर बदहाल सड़क भी शहर के विकास के दावों के बीच अनदेखी का शिकार बनी रहती है।

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