ओमनी कार से मिठाई की सप्लाई, खाद्य सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस । शहर में खाद्य पदार्थों के परिवहन और उनकी स्वच्छता को लेकर नियम-कायदों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कमानिया गेट के समीप संचालित बीकानेर मिष्ठान भंडार में रोजाना बड़ी मात्रा में मिठाइयों की सप्लाई ओमनी कार के जरिए किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि जिस वाहन से मिठाइयों का परिवहन किया जा रहा है, उसमें खाद्य सामग्री के सुरक्षित और स्वच्छ परिवहन के मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा।
बताया जा रहा है कि ओमनी कार में खाने योग्य मिठाइयां एवं अन्य मिष्ठान रखकर दुकान तक पहुंचाए जाते हैं। खाद्य पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के दौरान स्वच्छता, धूल-मिट्टी से बचाव और उचित ढंग से पैकिंग जैसे पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है। ऐसे में सामान्य यात्री वाहन से खुले अथवा असुरक्षित तरीके से खाद्य सामग्री पहुंचाए जाने की स्थिति में उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कागजों में नियम, जमीन पर अलग तस्वीर?
स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में मिठाइयों का परिवहन हो रहा है तो संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर वाहन, परिवहन व्यवस्था, पैकिंग, स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।
वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई बार निरीक्षण और कार्रवाई की तस्वीरें तथा प्रेस विज्ञप्तियां तो सामने आती हैं, लेकिन वास्तविक व्यवस्था में कितना सुधार हुआ, इसकी नियमित निगरानी दिखाई नहीं देती।
जांच हुई तो सामने आ सकती है हकीकत
अब सवाल यह है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग ओमनी कार से प्रतिदिन होने वाली मिठाई की सप्लाई की जांच करेगा? क्या परिवहन में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है? यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान और परिवहन व्यवस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी या मामला केवल निरीक्षण और फोटो तक सीमित रहेगा?
मामले में निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिठाइयों के परिवहन में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। खाद्य पदार्थ सीधे लोगों की सेहत से जुड़े हैं, इसलिए महज कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर सख्त निगरानी जरूरी है।

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