साहब को मिला ‘गृह थाना’! घर से चंद कदम दूर ही ड्यूटी, रंगनाथ नगर में ASI विजेंद्र तिवारी की पदस्थापना चर्चा में


 

साहब को मिला ‘गृह थाना’! घर से चंद कदम दूर ही ड्यूटी, रंगनाथ नगर में ASI विजेंद्र तिवारी की पदस्थापना चर्चा में

कटनी। पुलिस विभाग में पदस्थापना के अपने नियम और व्यवस्थाएं हैं, लेकिन कटनी में सामने आई एक पदस्थापना ने इन व्यवस्थाओं पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। मामला रंगनाथ नगर थाने का है, जहां ASI विजेंद्र तिवारी को पदस्थ किया गया है। खास बात यह है कि जिस थाना क्षेत्र में उनकी पदस्थापना हुई है, उसी थाना क्षेत्र मंगल नगर में उनका निवास भी बताया जा रहा है और वह भी थाने से चंद कदमों की दूरी पर।

ऐसे में इसे अगर ‘गृह थाना’ वाली पदस्थापना कहा जाए तो शायद अतिशयोक्ति नहीं होगी। फर्क सिर्फ इतना है कि आम पुलिसकर्मी ड्यूटी के लिए घर से निकलकर थाने पहुंचता है, जबकि यहां घर और थाना लगभग एक ही दायरे में नजर आ रहे हैं।

घर पास, थाना पास... फिर दूरी किस बात की?

पुलिस विभाग में पदस्थापना के दौरान कई तरह के प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी पुलिसकर्मी को उसके निवास वाले थाना क्षेत्र के उसी थाने में पदस्थ किया जाना सामान्य प्रक्रिया है? यदि हां, तो इसके लिए विभागीय नियम क्या कहते हैं और क्या ऐसी पदस्थापना के लिए कोई विशेष अनुमति या प्रावधान है?

स्थानीय स्तर पर इसी बात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी की ड्यूटी का क्षेत्र और उसका निजी निवास एक ही जगह होने से कई तरह के सवाल स्वाभाविक रूप से खड़े होते हैं।

‘गृह थाना’ का संयोग या विभागीय व्यवस्था?

रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र में हुई यह पदस्थापना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां मामला केवल थाना क्षेत्र में पदस्थ होने तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित पुलिस अधिकारी का निवास भी इसी क्षेत्र में बताया जा रहा है। यानी ड्यूटी स्थल और निजी निवास के बीच दूरी इतनी कम है कि इसे संयोग कहें या सुविधा, सवाल उठना लाजिमी है।

बहरहाल, पदस्थापना विभाग का प्रशासनिक निर्णय है। लेकिन जब थाना और घर के बीच की दूरी चंद कदम रह जाए तो सवाल भी कदम-कदम पर उठते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस विभाग इस पदस्थापना को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताता है या इसके पीछे कोई विशेष कारण है।

फिलहाल रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र में ‘गृह थाना’ वाली इस पदस्थापना की चर्चा पुलिस महकमे से लेकर स्थानीय लोगों के बीच बनी हुई है।

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