*आरोपों का दौर शुरू, खंडन में जुटा पुलिस विभाग—साख बचाने की कवायद तेज* *पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार, संबंधित व्यक्ति ने स्वयं स्वीकार किया कि परिजनों के डर से बनाई थी मनगढ़ंत कहानी*

 *आरोपों का दौर शुरू, खंडन में जुटा पुलिस विभाग—साख बचाने की कवायद तेज*


*पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार, संबंधित व्यक्ति ने स्वयं स्वीकार किया कि परिजनों के डर से बनाई थी मनगढ़ंत कहानी*


कटनी : कटनी जिले में पुलिस विभाग पर एक के बाद एक आरोप लगते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि आरोप सामने आने के बाद उनका खंडन अथवा स्पष्टीकरण देने के लिए किसी न किसी अधिकारी को सामने आना पड़ रहा है। इसी क्रम में एक और मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा गया है। विज्ञप्ति में बताया गया कि सोशल मीडिया एवं कुछ समाचार माध्यमों में सिविल लाइन कटनी निवासी सुशील कुमार समुद्रे, पिता स्वर्गीय रामस्वरूप समुद्रे द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों से संबंधित समाचार प्रसारित किए गए थे। इस संबंध में कटनी पुलिस द्वारा तथ्यों की जांच की गई।


जांच के दौरान सुशील कुमार स्वयं अनुसूचित जाति थाना पहुंचे, जहां उनसे उप पुलिस अधीक्षक सुश्री शिवा पाठक द्वारा पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि उनके द्वारा पुलिस के विरुद्ध लगाए गए आरोप सत्य नहीं थे।


सुशील कुमार ने बताया कि वह निजी कार्य के कारण समय पर घर नहीं पहुंच पाए थे, जिससे उनके परिजन चिंतित हो गए थे। परिजनों के डर के कारण उन्होंने निवार पुलिस के विरुद्ध एक मनगढ़ंत कहानी बना दी थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप, जिनमें पुलिस चौकी में बैठाने एवं पैसों की मांग करने जैसी बातें शामिल थीं, पूरी तरह से गलत थीं।


उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि उनके साथ किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों द्वारा उनके कथनों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।


कटनी पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी घटना से संबंधित जानकारी को साझा करने या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें तथा भ्रामक एवं अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचें।



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