ब्याज के दबाव और नगर निगम के बिल रोकने का आरोप, ठेकेदार ने पुलिस से लगाई गुहार
कटनी। नगर निगम में ठेकेदारी और ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले एक ठेकेदार ने नगर निगम के एक कर्मचारी पर ब्याज के नाम पर लगातार राशि लेने, सरकारी बिलों के भुगतान में कथित रूप से अड़ंगा डालने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ठेकेदार ने मामले की शिकायत थाना कोतवाली पुलिस सहित पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त और विजिलेंस विभाग से की है।
शिकायतकर्ता चन्द्रेश शुक्ला ने आवेदन में बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से नगर निगम कटनी में ठेकेदारी का काम कर रहा है। उसके मुताबिक वर्ष 2023-24 के दौरान नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी पवन श्रीवास्तव द्वारा उसके विभिन्न सरकारी बिलों के भुगतान के संबंध में कथित तौर पर कमीशन की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उक्त कर्मचारी ने उसे करीब 5.50 लाख रुपये यह कहते हुए दिए कि इसके बदले उसे 35 हजार रुपये प्रतिमाह ब्याज देना होगा।
अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक ब्याज देने का दावा
ठेकेदार के अनुसार आर्थिक जरूरत के चलते उसने उक्त राशि स्वीकार कर ली और अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक हर माह की पहली से 10 तारीख के बीच करीब 35 हजार रुपये नकद ब्याज के रूप में देता रहा। शिकायत में ब्याज की दर करीब 8 से 10 प्रतिशत प्रतिमाह होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस अवधि में वह लगभग 6.65 लाख रुपये ब्याज के रूप में दे चुका है।
बिल रोकने और धमकी देने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मई 2026 से आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण वह नियमित रूप से ब्याज की राशि नहीं दे सका। इसके बाद पवन श्रीवास्तव द्वारा उसके नगर निगम के रोड और नाली से संबंधित बिल कथित रूप से रोक दिए गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे बिल पास नहीं होने देने, नगर निगम में उसकी बेइज्जती करने और बर्बाद करने की धमकी दी जाती है।
उसका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति उससे मूलधन और ब्याज की मांग करने के साथ ही सरकारी बिलों के भुगतान से पहले कथित तौर पर कमीशन की मांग भी कर रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्तमान में रोड के दो और नाली के दो बिल करीब दो माह से रुके हुए हैं, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर उसे कथित ब्याज के दबाव, धमकी और मानसिक प्रताड़ना से राहत दिलाने तथा पूरे प्रकरण में कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कटनी, नगर निगम आयुक्त और विजिलेंस विभाग जबलपुर को भी भेजी गई है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नगर निगम कर्मचारी का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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