बारात कांड में लाइन अटैच, कुछ माह बाद थाने की कमान; पुलिस के फैसले पर उठे सवाल लाइन अटैच से थाना प्रभारी तक का सफर, इंद्रा नगर कांड पर फिर उठे सवाल


 

ईमानदार साहब का गजब इंसाफ? 


बारात कांड में लाइन अटैच, कुछ माह बाद थाने की कमान; पुलिस के फैसले पर उठे सवाल

लाइन अटैच से थाना प्रभारी तक का सफर, इंद्रा नगर कांड पर फिर उठे सवाल



कटनी। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे के फैसलों और कार्रवाई के तरीके पर चर्चा छेड़ दी है। कुछ माह पूर्व इंद्रा नगर में आई एक बारात के दौरान हुए विवाद और कथित लाठीचार्ज के मामले में तत्कालीन बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी एसआई सिद्धार्थ राय को पुलिस कप्तान द्वारा लाइन अटैच किया गया था। लेकिन कुछ ही महीने बीतने के बाद अब उन्हें रंगनाथनगर जैसे महत्वपूर्ण थाने की कमान सौंप दी गई है।

बताया जाता है कि इंद्रा नगर में एक युवक-युवती विवाह बंधन में बंधने जा रहे थे। इसी दौरान बारात में किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और पुलिस की कार्रवाई के दौरान बारातियों पर लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई। घटना के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। मामला स्थानीय स्तर से निकलकर प्रदेश स्तर तक चर्चा में पहुंचा था।

घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद तत्कालीन बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी एसआई सिद्धार्थ राय को लाइन अटैच कर दिया गया था। उस समय माना गया था कि पुलिस कप्तान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।

लेकिन अब उसी अधिकारी को कुछ माह बाद रंगनाथनगर थाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर लाइन अटैच करने के पीछे की कार्रवाई का उद्देश्य क्या था? यदि अधिकारी की भूमिका इतनी गंभीर थी कि उन्हें चौकी से हटाकर लाइन अटैच किया गया, तो फिर इतनी जल्दी उन्हें एक महत्वपूर्ण थाने का प्रभारी बनाए जाने के पीछे क्या वजह रही?

पुलिस विभाग के इस फैसले को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल यह भी है कि क्या किसी अधिकारी पर कार्रवाई महज कुछ समय के लिए होती है या फिर उसके पीछे कोई ठोस समीक्षा भी की जाती है? यदि इंद्रा नगर बारात कांड में अधिकारी की भूमिका को लेकर जांच या कार्रवाई हुई थी, तो उसकी स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?

बहरहाल, रंगनाथनगर थाने की कमान एसआई सिद्धार्थ राय को सौंपे जाने के बाद पुलिस महकमे के इस फैसले पर निगाहें टिक गई हैं। अब देखना होगा कि नई जिम्मेदारी के दौरान उनकी कार्यप्रणाली कैसी रहती है और इंद्रा नगर बारात कांड से जुड़े सवालों का जवाब विभाग अपने फैसले से किस तरह देता है।


वही आप को बता दे उक्त घटना पर पुलिस पर कार्यवाही के लिए कई संगठनो के द्वारा कटनी एस पी कार्यालय का घेराव, धरना प्रदर्शन किया गया था 

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