कटनी /रिठी : सिर पर जवारा कलश रखें महिलाएं, बाना लेकर चलते पंडा, जगह-जगह होता प्रसाद व शीतल पेयजल का वितरण और रंग-बिरंगी रोड लाइट व बैंड-बाजे के साथ गूंजते मातारानी के जयकारे। ये सब नजारे थे रीठी नगर में चैत्र नवरात्र के अंतिम दिवस सोमवार को निकले भव्य जवारा जुलूस के। जहां नवरात्र पर्व की नवमी तिथी को दिनभर मंदिर, दिवाले में हवन-भंडारे हुए तो वहीं घर-घर कन्या भोज के कार्यक्रम भी चलते रहे। परंपरानुसार इसी दिन नगर के हनुमानताल मोहल्ला स्थित छोटे दिवाला से शाम सात बजे जवारों का भक्तिभाव के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। छोटे दिवाला माता मंदिर से शुरू हुई विशाल शोभायात्रा का काफिला बैंड-बाजे की धुन पर मातारानी के जयकारे लगाते हुए नगर की सेठानी माता खेर माई के मंदिर पहुंचा। जहां खेर माई की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। शोभायात्रा के विशाल काफिले का जगह-जगह द्वार, पंडाल आदि लगाकर लोगों द्वारा स्वागत-सत्कार किया गया। जुलूस नगर के अनेकों मार्गों में भ्रमण के साथ आस्था के प्रतीक जवारों का सिंघैया स्थित तालाब में देर रात को पूरे विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान माता काली का रूप धरे युवक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। खप्पर की आग के बीच तलवार लिए माता काली का नृत्य देखते ही बना। शोभायात्रा में मुकेश कंदेले, बिंजन श्रीवास, पारस नामदेव, पंडा भस्सू साहू, किस्सू साहू, सीताराम पटेल, संतोष साहू, मनोज बर्मन, अनमोल अग्रवाल, संजू सेन, सोनू सोनी, अंकुश सोनी, महेश कंदेले, ज्ञानी यादव, अज्जू पटेल, मनोज बर्मन, हर्ष कंदेले, साकेत कंदेले, किशोरी पटेल, शुभम पटेल, सुरेश पटेल, दुज्जी पटेल, अनुज दुबे, संतोष पटेल सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष व बच्चे शामिल थे। विशाल शोभायात्रा में पुलिस की भी चाक-चौबंद व्यवस्था रही।
*पाली में रातभर लगा रहा मेला*
रीठी जनपद की ग्राम पंचायत लालपुरा के पाली गांव में विराजित भूमि प्रकट मां भगवती के मंदिर प्रांगण में प्रतिवर्ष लगने वाला मेला भी नवरात्र पर्व की नवमीं तिथी को पूरी रात लगा रहा। क्षेत्र की प्रसिद्ध पाली वाली मातारानी के यहां आसपास के कई गांवों के जवारे जुलूस पहुंचे। देखा गया कि सभी गांवों के जवारे एकत्रित होने के बाद उनका विसर्जन किया गया जो दूसरे दिन सुबह तक जारी रहा। मेले में भी लोगों की जमकर भीड़ उमड़ी।

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