शिक्षा से सशक्त हो रही नारी, हर क्षेत्र में बना रही नई पहचान

 शिक्षा से सशक्त हो रही नारी, हर क्षेत्र में बना रही नई पहचान



कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस

महिला शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती नगर में हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली सावित्रीबाई फुले एवं आनंदीबेन के जीवन पर आधारित अभिनव मंचन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया गया।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्रों को सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक से दूरी बनाकर पुस्तकों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है और शिक्षा प्राप्त कर ही समाज में मान-सम्मान और पहचान स्थापित की जा सकती है। सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वे आज से लगभग 200 वर्ष पहले समाज में साक्षात देवी के रूप में उपस्थित थीं, जिन्होंने कुरीतियों और सामाजिक बंधनों के विरुद्ध संघर्ष कर महिला शिक्षा की नींव रखी। यही कारण है कि आज समाज उन्हें देवीतुल्य मानकर उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करता है।


कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुर्मी समाज के युवा अध्यक्ष श्री संतराम पटेल ने छात्रों से ईमानदारी और लगन से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही एक अच्छे जीवन, उज्ज्वल भविष्य और मजबूत चरित्र का निर्माण संभव है, जिससे विद्यार्थी अपने अभिभावकों की उम्मीदों पर खरे उतर सकते हैं।


इस अवसर पर कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामखेलावन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक ऐसी क्रांतिकारी महिला थीं, जिनके प्रयासों से महिलाओं और वंचित समाज को शिक्षा का अधिकार मिला। हमें उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर समानता और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।


कार्यक्रम का आयोजन सावित्रीबाई फुले इंस्टीट्यूट द्वारा किया गया। संस्थान के डायरेक्टर डॉ. बी. के. पटेल ने कहा कि “शिक्षा क्रांति दिवस” के माध्यम से महिलाओं और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना हमारा उद्देश्य है, ताकि एक समानतावादी, संतुलित और सशक्त समाज की स्थापना की जा सके।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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