कटनी। जिले में प्रस्तावित पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल मेडिकल कॉलेज के विरोध में मंगलवार को जनआक्रोश देखने को मिला। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने एकजुट होकर कटनी बंद का आह्वान किया। सुबह से ही कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नगर के प्रमुख बाजारों में घूम-घूमकर दुकानों को बंद कराया। बंद का असर शहरभर में साफ दिखाई दिया, अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे
आंदोलनकारियों ने नारेबाजी और गीत-संगीत के माध्यम से अपने विरोध को मुखर किया। रैलियों के जरिए जिला प्रशासन और आम जनता तक अपनी मांगें पहुंचाईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीपीपी मॉडल स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के निजीकरण की दिशा में कदम है, जिससे आम आदमी के लिए इलाज और पढ़ाई महंगी हो जाएगी।
आंदोलन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि वे कटनी में पूर्णतः सरकारी मेडिकल कॉलेज चाहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बिंदेश्वरी पटेल ने कहा, “पूंजीवाद के खिलाफ आज का यह ‘कटनी बंद’ पूरी तरह सफल रहा है। शहर के व्यापारियों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर यह साबित कर दिया है कि कटनी को पीपीपी मॉडल वाला मेडिकल कॉलेज मंजूर नहीं है।”
उन्होंने मांग की कि सरकार यहां पूर्णतः सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को सस्ती शिक्षा और मरीजों को नि:शुल्क व सुलभ इलाज मिल सके।

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