*व्हाट्सएप लिंक क्लिक करते ही रेल कर्मी के खाते से उड़े 87 हजार रुपये*
कटनी/न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस: डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित इलाकों के पास भी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला कटनी जिले का है, जहाँ एक मेहनतकश रेल कर्मचारी 'डिजिटल ठगी' का शिकार हो गया। ठगों ने झांसा देकर पीड़ित के बैंक खाते से 87,000 रुपये साफ कर दिए।
पीड़ित की पहचान सुशील हलदकार के रूप में हुई है, जो रेलवे के डीजल शेड कटनी में पदस्थ हैं। घटना उस वक्त हुई जब सुशील कटनी कलेक्ट्रेट के सामने स्थित एक एटीएम (ATM) से पैसे निकालने पहुंचे थे।
इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को सुशील का रिश्तेदार बताया। बातों-बातों में उसने सुशील को विश्वास में लिया और कहा कि उसने उनके व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक लिंक भेजा है। ठग ने दावा किया कि उस लिंक के जरिए पैसा ट्रांसफर किया गया है और सुशील को बस उस पर "ओके" (OK) करना है।
जैसे ही सुशील ने अपने कथित रिश्तेदार की बात पर भरोसा कर व्हाट्सएप लिंक को ओपन किया और 'ओके' बटन दबाया, कुछ ही पलों के भीतर उनके मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज आ गया। सुशील के होश तब उड़ गए जब उन्होंने देखा कि उनके खाते से 87,000 रुपये निकल चुके थे। तब तक ठग अपना काम कर चुका था और सुशील को समझ आ गया कि वह एक बड़ी साजिश का शिकार हो चुके हैं।
ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने स्लीमनाबाद थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की विस्तृत जानकारी दी।
थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत साइबर विभाग से संपर्क किया और पीड़ित को आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी आवेदन करने की सलाह दी है। फिलहाल, पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स ठगों की लोकेशन और बैंक ट्रेल को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

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