*नगर विकास को लेकर पार्षदों ने खोला मोर्चा: कटनी नगर निगम में विशेष सम्मेलन बुलाने की मांग*
कटनी। नगर पालिक निगम कटनी के विकास कार्यों में आ रही कथित सुस्ती और बजट आवंटन की समस्याओं को लेकर पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पार्षदों के एक समूह ने निगम अध्यक्ष को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 30 के तहत 'विशेष सम्मेलन' बुलाने की मांग की है। पार्षदों का आरोप है कि वार्डों के विकास कार्य लंबित हैं और स्वीकृत कार्यों के कार्यादेश जारी नहीं किए जा रहे हैं।
*14 दिनों के भीतर बैठक बुलाने का अल्टीमेटम*
अध्यक्ष को सौंपे गए मांग पत्र में पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि नगर विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्र प्राप्ति के 14 दिनों के भीतर विशेष सम्मेलन आयोजित करने का अनुरोध किया है। इसकी प्रतियां महापौर और निगम आयुक्त को भी भेजी गई हैं ताकि प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू की जा सके।
इन 6 प्रमुख बिंदुओं पर होगा घमासान
पार्षदों ने सम्मेलन के लिए 6 सूत्रीय एजेंडा रखा है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे शामिल हैं:
अटके हुए कार्य: वार्डों में निर्माण और विकास के स्वीकृत कार्यों के लिए बजट आवंटन और कार्यादेश जारी करना।
लंबित योजनाएं: लंबे समय से रुके हुए विकास कार्यों को गति देना और उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा।
निर्णयों का क्रियान्वयन: निगम की पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों और आसंदी (अध्यक्ष) द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन की रिपोर्ट मांगना।
निगम की कार्यशैली: नगर पालिक निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली और *अधिकारियों के रवैये पर चर्चा।*
पार्षदों में असंतोष
मांग पत्र पर पार्षदों हस्ताक्षर हैं। पार्षदों का कहना है कि जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि कागजों पर स्वीकृत होने के बावजूद जमीन पर काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
अब गेंद निगम अध्यक्ष के पाले में है। यदि 14 दिनों के भीतर सम्मेलन बुलाया जाता है, तो निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।

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