*विजयराघवगढ़: अस्पताल की बड़ी लापरवाही, मासूम और बुजुर्ग को चढ़ा दी 'एक्सपायरी डेट' की दवा*



*विजयराघवगढ़: अस्पताल की बड़ी लापरवाही, मासूम और बुजुर्ग को चढ़ा दी 'एक्सपायरी डेट' की दवा*

कटनी: स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ सिविल अस्पताल में भर्ती एक 3 साल के मासूम और एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को एक्सपायरी डेट की ड्रिप (DNS बोतल) चढ़ा दी गई। मामला तब तूल पकड़ा जब परिजनों ने बोतल पर लिखी तारीख देखी और हंगामा शुरू कर दिया।


*क्या है पूरा मामला?*

अस्पताल में भर्ती बंजारी निवासी 3 वर्षीय असद रजा और गुहावल निवासी 75 वर्षीय जीवनलाल पटेल को इलाज के दौरान DNS (Sodium Chloride and Dextrose Injection) की बोतलें लगाई गई थीं।

परिजनों की सजगता से पता चला कि बोतलों पर एक्सपायरी डेट 11 फरवरी 2026 अंकित थी।

चूंकि आज की तारीख इससे आगे निकल चुकी है (या आसपास है), परिजनों ने तत्काल इस पर आपत्ति जताई।


*साक्ष्य मिटाने की कोशिश और 'मिसप्रिंट' का बहाना*

जैसे ही परिजनों ने विरोध किया, ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने आनन-फानन में बोतलों को निकालकर रद्दी की टोकरी में फेंक दिया ताकि मामला दबाया जा सके। हालांकि, मामला उजागर होने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन इसे 'मिसप्रिंट' का नाम दे रहा है।


"DNS की 50 बोतलों का पूरा कार्टून आया है। हमने चेक किया है, एक्सपायरी डेट 2027 है। कुछ बोतलों में मिसप्रिंट के कारण 2025/2026 लिख गया है। किसी भी मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है।"

— *डॉक्टर विनोद कुमार,* बीएमओ, विजयराघवगढ़ अस्पताल


*जनता में आक्रोश*

नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल प्रशासन की इस अनदेखी पर स्थानीय लोगों ने कड़े सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी मरीज को दवा देने से पहले उसकी जांच करना स्टाफ की जिम्मेदारी होती है। इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी।

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