*8 महीने से वेतन नहीं मिलने पर डॉक्टर ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर*


 

*8 महीने से वेतन नहीं मिलने पर डॉक्टर ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर*

कटनी/आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस : जिले के बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले 8 महीनों से वेतन न मिलने से परेशान होकर मेडिकल ऑफिसर डॉ. नीरज विश्वकर्मा ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि जिले के चिकित्सा जगत में भी हड़कंप मचा दिया है।


*वेतन के लिए काटते रहे चक्कर, मिला सिर्फ आश्वासन*

डॉ. नीरज विश्वकर्मा के अनुसार, वे लंबे समय से बड़वारा में अपनी सेवाएँ दे रहे थे, लेकिन पिछले 8 माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वेतन की मांग को लेकर उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के कई चक्कर लगाए, फोन पर संपर्क किया और व्यक्तिगत रूप से भी अपनी गुहार लगाई। हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया। अंततः आर्थिक और मानसिक दबाव के चलते उन्होंने पद छोड़ना ही उचित समझा।


*1 लाख की आबादी, अब सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे*

बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति पहले से ही चिंताजनक थी, जो अब और भी भयावह हो गई है:

* निर्भर आबादी: लगभग 1 लाख ग्रामीण।

* स्वीकृत पद: 4 MBBS और 3 विशेषज्ञ डॉक्टर।

* वर्तमान स्थिति: वर्षों से स्वीकृत पद खाली हैं। अब तक केवल 2 बंध पत्र (Bond) डॉक्टर कार्यरत थे, जिनमें से डॉ. विश्वकर्मा के इस्तीफे के बाद अब सिर्फ 1 डॉक्टर शेष बचा है।

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