*​अनुभव पर प्रहार: पात्रता परीक्षा के खिलाफ कटनी के शिक्षक फूकेंगे आंदोलन का बिगुल*



*​अनुभव पर प्रहार: पात्रता परीक्षा के खिलाफ कटनी के शिक्षक फूकेंगे आंदोलन का बिगुल*

*​20-25 वर्षों की सेवा के बाद परीक्षा लेना अव्यावहारिक, शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने दी ऐतिहासिक प्रदर्शन की चेतावनी*

​कटनी/ लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश शासन द्वारा सेवानिवृत्ति की दहलीज पर खड़े अनुभवी शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करने के आदेश ने जिले के शिक्षक जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शासन के इस "अव्यावहारिक एवं अप्राकृतिक" निर्णय के विरुद्ध कटनी जिले के समस्त शिक्षक अपने परिजनों के साथ सड़कों पर उतरकर ऐतिहासिक प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।

*​न्यायसंगत नहीं है शासन की शर्तें*

शिक्षक संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन शिक्षकों ने अपने जीवन के 20 से 25 वर्ष शिक्षा विभाग को दिए हैं, उन्हें अब जुलाई-अगस्त माह में माइनस मार्किंग वाली उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सबसे विवादास्पद बिंदु यह है कि परीक्षा में असफल होने की स्थिति में शिक्षकों को 'अनिवार्य सेवानिवृत्ति' देने का प्रावधान किया गया है। मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि शिक्षक परीक्षा से भयभीत नहीं है, लेकिन परीक्षा का स्वरूप तर्कपूर्ण और प्राकृतिक नियमों के अनुरूप होना चाहिए।

*​15 मार्च को सिविल लाइन में बड़ी बैठक*

आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए आगामी 15 मार्च, रविवार को सिविल लाइन में जिले के समस्त शिक्षक संगठनों और पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई है। इस बैठक में प्रदर्शन की निश्चित तिथि की घोषणा की जाएगी।

*​नेतृत्व की हुंकार*

गत दिवस आयोजित बैठक में शिक्षक कांग्रेस के प्रांत अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ पदाधिकारी जेपी हल्दकार, संजय मिश्रा, रमाशंकर तिवारी, इलियास अहमद, सुशील तिवारी, अजय सिंह, राजेश सराठे, संजय पांडे, नसीम खान और सोनू सरावगी ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई शिक्षकों के सम्मान और उनके भविष्य की सुरक्षा की है। जिले के कोने-कोने से शिक्षक इस आंदोलन में शामिल होकर शासन की दमनकारी नीतियों का विरोध करेंगे।

​ पुराने शिक्षकों के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा और फेल होने पर जबरन रिटायरमेंट।

​ दशकों के अनुभव के बाद माइनस मार्किंग वाली परीक्षा लेना अन्यायपूर्ण।

​रणनीति: 15 मार्च की बैठक में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा।

Post a Comment

Previous Post Next Post