*जिला पंचायत रिश्वत कांड: बाबू के बाद अब प्रभारी पर गिरी गाज, CEO ने हटाया*



*जिला पंचायत रिश्वत कांड: बाबू के बाद अब प्रभारी पर गिरी गाज, CEO ने हटाया*

कटनी/आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस :जिला पंचायत में रिश्वतखोरी के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा बाबू सत्येन्द्र सोनी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद, प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थापना शाखा के प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह को उनके पद से हटा दिया है।


*मुख्य घटनाक्रम:*

*रंगे हाथों गिरफ्तारी*: स्थापना शाखा में पदस्थ बाबू सत्येन्द्र सोनी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने गिरफ्तार किया था।

*हटाए गए प्रभारी:* मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हसिमरनप्रीत कौर ने स्थापना शाखा प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

*नया प्रभार:* इस शाखा का प्रभार अब अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी को सौंपा गया है।


*क्या था पूरा मामला?*

बाबू सत्येन्द्र सोनी ने वर्ष 2023 में निलंबित हुए एक सचिव की बहाली के बदले 54 हजार रुपये की कीमत वाले मोबाइल फोन की मांग की थी। रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया।


*जांच के घेरे में अन्य अधिकारी*

खबर के अनुसार, बाबू और प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह के बीच गहरी साठगांठ की चर्चाएं गर्म हैं। सूत्रों का कहना है कि:

*लोकायुक्त की पूछताछ*: ट्रैप की कार्रवाई के बाद लोकायुक्त की टीम ने प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह से भी घंटों पूछताछ की थी।

सालों से एक ही जगह *पदस्थापना:* दोनों कर्मचारी पिछले कई सालों से कटनी में ही जमे हुए थे। तबादला होने के बावजूद ये 'जुगाड़' लगाकर वापस कटनी आ जाते थे।

*भ्रष्टाचार का नेटवर्क:* जिला पंचायत में छोटे-छोटे कामों के लिए भी धन की उगाही की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। करोड़ों रुपये के बजट वाली इस संस्था में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

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